भारत के चुनाव आयोग ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही मतदाता सूचियों की विशेष जाँच (एसआईआर) की समयसीमा में एक सप्ताह का विस्तार किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को अपना नाम दर्ज कराने और सुधार का अधिक समय देना है।
मुख्य बिंदे:
· प्रक्रिया में लचीलापन लाने के लिए आयोग ने समयसीमा बढ़ाई है।
· 1 जनवरी, 2026 को मतदाता बनने के लिए योग्यता तिथि (क्वालिफाइंग डेट) मानी गई है।
· इसका लाभ 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिक उठा सकते हैं।
संशोधित कार्यक्रम – महत्वपूर्ण तिथियाँ:
1. मसौदा मतदाता सूची प्रकाशन: 16 दिसंबर, 2025 (मंगलवार)
2. दावे व आपत्ति दर्ज करने की अवधि: 16 दिसंबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक
3. सूची का अंतिम प्रकाशन: 14 फरवरी, 2026 (शनिवार)
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
मतदाता सूची का सही और अपडेटेड होना लोकतंत्र की नींव है। यह सुनिश्चित करता है कि हर पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। तिथि बढ़ने से उन नए युवाओं, स्थान बदलने वाले लोगों या अभी तक सूची में शामिल न हो पाए लोगों को अपना नाम जुड़वाने का और समय मिलेगा।
आगे की कार्रवाई:
अपने क्षेत्र में जारी इस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी अपने जिले के निर्वाचन / राजपत्रित अधिकारी से प्राप्त कर सकते हैं। मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम जाँचना न भूलें।
Author: ainewsworld