
भारत की संसदीय प्रणाली को समझने के लिए दुनिया के 12 देशों के 40 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं इस कार्यक्रम में
लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिरला ने संसद भवन परिसर में 37वें संसदीय इंटर्नशिप कार्यक्रम (Parliamentary Internship Programme – PIP), 2025 के प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों के साथ सार्थक संवाद किया और भारत की संसदीय परंपराओं के प्रति उनकी उत्सुकता को “अत्यंत प्रेरक” बताया।
एक समृद्ध अनुभव का अवसर
श्री बिरला ने कहा कि विभिन्न देशों से आए इन प्रतिभागियों के साथ संवाद करना सुखद रहा। उन्होंने कहा, “भारत की संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति इनकी उत्सुकता अत्यंत प्रेरक है।” प्रतिभागियों ने भारत की संसदीय प्रणाली को निकट से समझने के इस अवसर की सराहना करते हुए इसे एक “समृद्ध और उपयोगी अनुभव” बताया।
यह अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम लोक सभा सचिवालय के शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान ‘प्राइड’ (PRIDE) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम 10 नवंबर से शुरू हुआ है और 2 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इसमें 12 देशों की संसदों के 40 अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भाग ले रहे हैं .
युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने के प्रयास
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला लगातार युवा शक्ति को लोकतंत्र की आत्मा से जोड़ने पर बल देते रहे हैं। हाल ही में संविधान दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि “युवा शक्ति को लोकतंत्र की आत्मा से जोड़ना समय की आवश्यकता है” . उनका मानना है कि जब नई पीढ़ी अपनी विरासत और लोकतांत्रिक परंपराओं को समझेगी, तभी भविष्य का भारत और मजबूत होगा .
श्री बिरला ने इससे पहले भी अपने एक बयान में कहा था कि “हमारा संविधान हमारा गौरव है” और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब नागरिक संविधान के मूल्यों को अपनाएंगे .
अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग को बल
यह इंटर्नशिप कार्यक्रम भारतीय संसदीय प्रणाली को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने और अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोकसभा सचिवालय द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम दुनिया भर की संसदीय प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
Author: ainewsworld