
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा है कि भारत का संविधान हमारे लोकतंत्र का जीवंत दस्तावेज और मार्गदर्शक है, जिसने देश को एक नई चेतना प्रदान की है। संविधान दिवस के अवसर पर दूरदर्शन को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि संविधान ने करोड़ों भारतीयों को उनके सपनों और अधिकारों के लिए लड़ने की इच्छाशक्ति दी।
लोकतंत्र की 75 वर्ष की सफल यात्रा
श्री बिरला ने लोकतंत्र की 75 वर्ष की यात्रा को एक लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम बताते हुए संविधान निर्माताओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने शुरू में सोचा था कि भारत जैसे विविधताओं वाला देश संसदीय लोकतंत्र में सफल नहीं हो पाएगा, लेकिन हमारा संविधान ही वह आधार बना जिसने लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती प्रदान की। संविधान में लचीलापन, जवाबदेही, कर्तव्य और अधिकारों का सही संतुलन है।
संसदीय लोकतंत्र में संसद की भूमिका
लोकसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि संसदीय लोकतंत्र में संसद की भूमिका संविधान के मार्गदर्शन में चलती है। इस 75 वर्ष की यात्रा में संसद ने विचार-विमर्श, सहमति-असहमति, संविधान संशोधन, नए कानून बनाने और पुराने कानूनों को हटाने का काम किया है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आज भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए एक मॉडल बन गया है और कई देश भारत की संसदीय प्रणाली से प्रशिक्षण लेते हैं।
युवाओं तक संविधान की पहुंच और डिजिटल पहल
युवाओं को संविधान से जोड़ने के लिए ‘नो योर कॉन्स्टिट्यूशन’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए श्री बिरला ने बताया कि डिजिटल संसद के माध्यम से संसद की कार्यवाही को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी राज्यों की विधानसभाओं की कार्यवाही को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा और लाइव कार्यवाही को सभी भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ेगी।
देशवासियों के लिए संदेश
अपने संदेश में श्री बिरला ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे संविधान को जानें, समझें और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप जीवन यापन करें। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष होने तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर अग्रसर है और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के साथ भारत वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करेगा।
Author: ainewsworld