ई-जागृति प्लेटफॉर्म ने उपभोक्ता न्याय में लाई क्रांति, 2025 में 1.30 लाख से अधिक शिकायतों का निपटान

उपभोक्ता मामले विभाग के ई-जागृति प्लेटफॉर्म ने देश में उपभोक्ता न्याय के तरीके को बदल कर रख दिया है। इस वर्ष इस डिजिटल पोर्टल ने न केवल 1.30 लाख से अधिक शिकायतों का निपटान किया है, बल्कि 2024 के मानकों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए उपभोक्ता न्याय में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है।

रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

13 नवंबर, 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि इस एकीकृत पोर्टल ने 1,30,550 मामले दर्ज करने में मदद की है और 1,27,058 मामलों का सफल निपटारा सुनिश्चित किया है । प्लेटफॉर्म की बढ़ती दक्षता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जुलाई-अगस्त के दौरान दायर 27,080 मामलों में से 27,545 मामलों का निपटारा किया गया। इसी तरह सितंबर-अक्टूबर में 21,592 दायर मामलों में से 24,504 मामलों का निपटारा हुआ, जो 2024 की निपटान दर से बेहतर है।

देश-विदेश से जुड़े उपयोगकर्ता

ई-जागृति प्लेटफॉर्म ने भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए वैश्विक पहुंच सुनिश्चित की है। इस पोर्टल पर 1388 अनिवासी भारतीयों सहित 2.75 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया है । इस वर्ष, प्लेटफॉर्म के माध्यम से 466 एनआरआई शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका (146), यूनाइटेड किंगडम (52), यूएई (47), कनाडा (39), ऑस्ट्रेलिया (26) और जर्मनी (18) जैसे देशों से शिकायतें शामिल हैं ।

समावेशी तकनीक की बदौलत सभी के लिए सुलभ न्याय

यह प्लेटफॉर्म अपनी समावेशी विशेषताओं के कारण विशेष जरूरतों वाले उपभोक्ताओं के लिए भी सहज बनाया गया है :

· एआई-संचालित बहुभाषी इंटरफेस से region|भाषा| की बाधा दूर
· वॉइस-टू-टेक्स्ट तकनीक से दृष्टिबाधित और बुजुर्ग उपयोगकर्ताओं को सहूलियत
· चैटबॉट सहायता और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित माहौल

पारदर्शिता और दक्षता में सुधार

ई-जागृति ने ओसीएमएस, ई-दाखिल, एनसीडीआरसी सीएमएस और कॉन्फोनेट जैसी पुरानी प्रणालियों को एक एकल, सहज इंटरफेस में एकीकृत किया है । इस डिजिटलीकरण से बिखराव कम हुआ है, पारदर्शिता बढ़ी है और मामलों के निपटान में तेजी आई है। प्लेटफॉर्म के भूमिका-आधारित डैशबोर्ड अधिवक्ताओं को मामलों पर नजर रखने, दस्तावेज अपलोड करने और अलर्ट प्राप्त करने में सहायता करते हैं, जबकि न्यायाधीश कुशल सुनवाई के लिए डिजिटल फाइलों, एनालिटिक्स और वर्चुअल कोर्टरूम का उपयोग करते हैं ।

कागज रहित और संपर्क रहित प्रक्रिया

ई-जागृति प्लेटफॉर्म ने उपभोक्ता संरक्षण की प्रक्रिया को सरल और पर्यावरण अनुकूल बना दिया है। सरल ओटीपी-आधारित पंजीकरण ने प्रक्रिया को आसान बनाया है। यह प्लेटफॉर्म अनिवासी भारतीयों को शिकायत दर्ज करने, डिजिटल या ऑफलाइन शुल्क भुगतान करने, वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने, ऑनलाइन दस्तावेजों का आदान-प्रदान करने और वास्तविक समय में मामलों को ट्रैक करने में सक्षम बनाता है, जिससे भारत में भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता समाप्त हो गई है ।

ई-जागृति प्लेटफॉर्म ने उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली में एक मिसाल कायम की है। इसकी सफलता नागरिक-केंद्रित, तकनीक-संचालित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है । जैसे-जैसे यह प्लेटफॉर्म और परिपक्व हो रहा है, यह न केवल भारत में बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भी न्याय की पहुंच को और व्यापक बना रहा है, जिससे एक पारदर्शी और कुशल उपभोक्ता संरक्षण ढांचे का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

ainewsworld
Author: ainewsworld

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज