राज्य शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अगला शैक्षिक सत्र (2026-27) अप्रैल 2026 से शुरू करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्तमान सत्र (2025-26) की सभी वार्षिक परीक्षाएं, जिनमें कक्षा 5 और 8 की बोर्ड परीक्षाएं भी शामिल हैं, 25 मार्च, 2026 तक संपन्न करा ली जाएंगी। विभाग ने इस संबंध में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में तय समयसीमा के अनुरूप निर्देश जारी कर दिए हैं।
🗓️ परीक्षा कार्यक्रम में बड़ा बदलाव, यह रहा पूरा शेड्यूल
नए सत्र को अप्रैल में शुरू करने की योजना को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं का कैलेंडर पहले से काफी संकुचित कर दिया गया है। इस बार मार्च के अंत तक सभी परीक्षाएं और मूल्यांकन कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
· अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं: दिसंबर में प्रस्तावित अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अब 20 नवंबर से आयोजित की जाएंगी।
· कक्षा 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षाएं: इस बार पांचवीं बोर्ड की परीक्षा 16 से 24 मार्च और आठवीं बोर्ड की परीक्षा 10 से 20 मार्च के बीच होगी। पिछले साल यह परीक्षाएं अप्रैल महीने में संपन्न हुई थीं।
· कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाएं: ये परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच होंगी, जबकि प्रायोगिक परीक्षाएं 15 जनवरी से शुरू हो जाएंगी।
· परिणाम घोषणा: सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च तक अधिकांश कक्षाओं के और दसवीं बोर्ड के परिणामों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
💡 नई शिक्षा नीति का लक्ष्य
शिक्षा सत्र को अप्रैल में शुरू करने का यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस नीति का उद्देश्य देश की शिक्षा प्रणाली में मौलिक बदलाव लाना है, ताकि छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस किया जा सके । राज्य सरकार का यह कदम नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
Author: ainewsworld