लड़कियों को एसटीईएम शिक्षा में सशक्त बनाने के लिए सरकार ने शुरू किया विज्ञान ज्योति कार्यक्रम
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) 2019-20 से विज्ञान ज्योति कार्यक्रम को लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य मेधावी लड़कियों को एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रतिभा पूल को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसमें वर्षभर चलने वाली गतिविधियाँ शामिल हैं, जैसे प्रायोगिक शिक्षण सत्र, वैज्ञानिक रोल मॉडल्स के साथ संवाद, अनुसंधान एवं विकास और औद्योगिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण, करियर मार्गदर्शन कार्यशालाएँ और छात्र-अभिभावक परामर्श सत्र। ये पहल लड़कियों में विज्ञान के प्रति रुचि और झुकाव बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
विज्ञान ज्योति कार्यक्रम ने अपनी शुरुआत से अब तक 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 300 जिलों की 80,000 से अधिक प्रतिभाशाली लड़कियों को लाभान्वित किया है। इसके प्रभाव को और मजबूत करने के लिए, डीएसटी ने 250 से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है, जिनमें विश्वविद्यालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, सीएसआईआर प्रयोगशालाएँ और अन्य प्रतिष्ठित संगठन शामिल हैं। ये संस्थान ज्ञान साझेदार के रूप में कार्य करते हैं और एसटीईएम क्षेत्रों में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
यह कार्यक्रम न केवल लड़कियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए सशक्त बना रहा है, बल्कि इन विषयों में लैंगिक अंतर को भी कम करने का प्रयास कर रहा है, जिससे भारत में एक समावेशी और विविध वैज्ञानिक समुदाय का निर्माण हो सके।

Author: ainewsworld



