
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा कूटनीतिक दांव खेलते हुए चार देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत की है। पीएम मोदी ने आज (गुरुवार को) ओमान के सुल्तान, मलेशिया के प्रधानमंत्री, फ्रांस के राष्ट्रपति और जॉर्डन के राजा से टेलीफोन पर बात कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया। भारत ने एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
ओमान से खास बातचीत: तनाव कम करने पर सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ विस्तृत चर्चा की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए तनाव कम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। साथ ही, उन्होंने संकट के बीच भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में ओमान सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
मलेशिया: हरि राया ऐदिलफित्री की शुभकामनाएं दीं
पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मलेशियाई नेता और वहां के लोगों को आगामी त्योहार ‘हरि राया ऐदिलफित्री’ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और शांति की शीघ्र बहाली के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से फोन पर वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर चर्चा करते हुए तत्काल तनाव कम करने पर बल दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना दोनों देशों के लिए अहम है। फ्रांस के साथ यह वार्ता भारत की यूरोपीय शक्तियों के साथ मजबूत कूटनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
जॉर्डन के राजा से ईद की मुबारकबाद और संकट पर चर्चा
पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से बात कर उन्हें ईद-उल-फितर की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस दौरान खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और शांति बहाली के लिए संवाद व कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों को निंदनीय बताया और कहा कि इससे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की सराहना भी की।
भारत की सक्रिय कूटनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन टेलीफोनिक वार्ताओं को भारत की सक्रिय कूटनीति के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका, चीन और रूस जैसे देश अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं, वहीं भारत मानवीय सहायता और शांति वार्ता के पक्ष में लगातार आवाज उठा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ओमान, यूएई और ईरान जैसे खाड़ी देशों से भारत के ऐतिहासिक संबंधों के कारण भारत इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही, फ्रांस और जॉर्डन के साथ बातचीत यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक स्तर पर सभी पक्षों से संवाद स्थापित कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार के युद्ध या अस्थिरता को रोका जा सके।
Author: ainewsworld