संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- लोकसभा में आधारहीन बयान देकर सदन को गुमराह करने पर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस भेजा जाएगा। जानें पूरा मामला।
लोकसभा में बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों को लेकर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सदन को गुमराह करने और आधारहीन आरोप लगाने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस भेजा जाएगा।
‘प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद पर लगाए झूठे आरोप’
किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बिना किसी पुख्ता सबूत और पूर्व सूचना के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “यह संसदीय परंपराओं और विशेषाधिकार का सीधा उल्लंघन है। ऐसे बयानों से लोकतांत्रिक मर्यादा भंग होती है।”
रिजिजू ने मांगा बयानों का सबूत
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयानों को प्रमाणित करने का अनुरोध किया था, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि बजट पर चर्चा में विपक्ष के नेता ने कोई रचनात्मक और ठोस योगदान नहीं दिया, बल्कि पूरा ध्यान सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप पर केंद्रित रखा।
पीयूष गोयल ने किया बचाव, किसानों के हितों की दी गारंटी
वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का हर फैसला किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने कहा, “देश के किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार पूरी तरह पारदर्शी है।”
क्या है विशेषाधिकार नोटिस?
विशेषाधिकार नोटिस संसदीय प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो किसी सदस्य द्वारा सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने या गलत सूचना देने पर लगाया जाता है। अगर यह नोटिस स्वीकार होता है, तो संबंधित सदस्य पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
निष्कर्ष:
संसद के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस भेजे जाने के ऐलान से एक बार फिर राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। अब देखना होगा कि अध्यक्ष इस नोटिस पर क्या फैसला लेते हैं।
Author: ainewsworld