रूस, यूक्रेन और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शांति योजना पर चर्चा के लिए अबू धाबी में त्रिपक्षीय वार्ता जारी है। लगभग चार वर्ष पहले यूक्रेन के साथ रूस के पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू होने के बाद यह तीनों देशों के बीच पहली सीधी औपचारिक बैठक मानी जा रही है, जिसे वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुतिन-अमेरिकी दूतों की बैठक के बाद शुरू हुई वार्ता
यह बैठक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा जेरेड कुशनर के बीच रूस में हुई देर रात की बातचीत के बाद आयोजित की गई है। माना जा रहा है कि इसी बातचीत ने अबू धाबी वार्ता का मार्ग प्रशस्त किया.
प्रतिनिधिमंडलों की संरचना
रूस की ओर से वार्ता का नेतृत्व जी.आर.यू के प्रमुख एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव कर रहे हैं।
यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर वार्ता में भाग ले रहे हैं।
अमेरिकी शांति योजना पर मंथन
सूत्रों के अनुसार, वार्ताकार अमेरिका द्वारा तैयार की गई शांति योजना की समीक्षा कर रहे हैं, जिसमें सुरक्षा गारंटी, आर्थिक उपाय और युद्ध के बाद स्थिरता से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, कब्जे वाले क्षेत्रों, विशेषकर डोनबास की स्थिति, अब भी सबसे बड़ा विवादास्पद मुद्दा बनी हुई है।
डोनबास पर ज़ेलेंस्की का स्पष्ट रुख
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोद्यमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि पूर्वी डोनबास क्षेत्र का भविष्य इस वार्ता का मुख्य केंद्र होगा। उन्होंने पूर्वी यूक्रेन में, यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में मुक्त व्यापार क्षेत्र स्थापित करने के प्रस्ताव के प्रति अपनी सहमति दोहराई।ज़ेलेंस्की ने यह भी बताया कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर हाल ही में स्विट्जरलैंड के दावोस में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चर्चा की थी।
रूस का रुख: क्षेत्रीय मुद्दे बिना समाधान असंभव
रूस के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि जब तक क्षेत्रीय विवादों, खासकर डोनबास के मुद्दे का समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक किसी भी दीर्घकालिक शांति समझौते की उम्मीद नहीं की जा सकती।
Author: ainewsworld