आर्टेमिस-2 लॉन्च पैड पर तैयार: 6 फरवरी को इतिहास रचने के लिए उड़ान भरेगा पहला मानवयुक्त चंद्र फ्लाईबाई

केप कैनावेरल में नासा के विशाल SLS रॉकेट पर सवार ओरियन कैप्सूल, 6 फरवरी को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चंद्रमा की ओर रवाना होगा। यह 1972 के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन होगा।

फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित नासा के लॉन्च पैड पर अंतरिक्ष इतिहास का एक नया अध्याय लिखने की पूरी तैयारी हो चुकी है। आर्टेमिस-2 मिशन के लिए नासा का शक्तिशाली स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन क्रू कैप्सूल अपनी जगह पर पहुँच गया है। इसका प्रक्षेपण 6 फरवरी को निर्धारित है, जिसके बाद फरवरी, मार्च और अप्रैल में भी लॉन्च के अवसर उपलब्ध हैं।

यह मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर पहली महिला और अगले पुरुष को उतारना है। आर्टेमिस-2 पहला मानवयुक्त चंद्र फ्लाईबाई मिशन है, जिसे विशेष रूप से ओरियन अंतरिक्ष यान और SLS रॉकेट के सिस्टम का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अंतरिक्ष यात्रियों का चयन और ऐतिहासिक यात्रा का महत्व

इस ऐतिहासिक यात्रा पर जाने वाले चालक दल में नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच शामिल हैं। इनके साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी इस मिशन का हिस्सा बनेंगे। यह चारों सदस्यीय दल चंद्रमा के चारों ओर लगभग 10 दिन की यात्रा करेगा।

यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिसंबर 1972 में अपोलो-17 मिशन के बाद से पहला मौका होगा जब कोई मानवयुक्त यान चंद्रमा के इतने नज़दीक जाएगा। अपोलो-17 ने चंद्रमा की सतह पर आखिरी इंसान को उतारा था।

आर्टेमिस कार्यक्रम का विस्तार और भविष्य की योजनाएं

आर्टेमिस-2 का उद्देश्य चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने और भविष्य में मंगल पर मानव मिशन भेजने की नींव रखना है। यह मिशन ओरियन कैप्सूल के जीवन-रक्षक प्रणालियों, संचार उपकरणों और नेविगेशन सिस्टम की कड़ी परीक्षा होगी।

आर्टेमिस कार्यक्रम के अगले चरण आर्टेमिस-3 की तैयारी भी जोरों पर है, जिसका प्रक्षेपण अगले वर्ष के लिए निर्धारित है। आर्टेमिस-3 का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरना है, जहाँ बर्फ के रूप में पानी के संसाधन मौजूद होने का अनुमान है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग से नए युग की शुरुआत

आर्टेमिस-2 मिशन नासा और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे पता चलता है कि अंतरिक्ष अन्वेषण अब किसी एक देश के बजाय वैश्विक सहयोग से आगे बढ़ रहा है।

इस मिशन के सफल होने से न केवल चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने का रास्ता साफ होगा, बल्कि मंगल और उससे आगे के मानव मिशनों की योजनाओं को भी गति मिलेगी।

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Author: ainewsworld

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