भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की पूर्व संध्या पर देशभर के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। ये सभी प्रमुख फसल उत्सव देश के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार और बुधवार को उत्साहपूर्वक मनाए जा रहे हैं।
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि ये त्यौहार भारत की कृषि विरासत और प्रकृति के साथ मानव के गहरे संबंध का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि लोहड़ी, संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे पर्व केवल ऋतु परिवर्तन के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि यह देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों के अथक परिश्रम को सम्मान देने का अवसर भी हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराएँ इन पर्वों के माध्यम से एक साझा राष्ट्रीय भावना को मजबूत करती हैं। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक मनाए जाने वाले ये त्यौहार देश की “एकता में अनेकता” की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान भारत की रीढ़ हैं और उनके परिश्रम से ही देश आत्मनिर्भर और समृद्ध बन रहा है। ये पर्व किसानों की मेहनत, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक सहयोग की भावना को दर्शाते हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कामना की कि देश में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकजुटता और अधिक सशक्त हो, ताकि सभी नागरिक मिलकर एक विकसित और खुशहाल भारत के निर्माण में योगदान दे सकें.
Author: ainewsworld