मुंबई की मरीन ड्राइव पर आयोजित हुई भव्य त्रिसैनिक वयोवृद्ध दिवस परेड, देश-विदेश से मिला सम्मान

 फील्ड मार्शल कारियाप्पा की सेवानिवृत्ति की याद में आयोजित इस समारोह में शामिल हुए 500 से अधिक पूर्व सैन्यकर्मी; अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सैन्य परंपरा का प्रदर्शन।

भारतीय सैन्य इतिहास और वीरता को समर्पित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम, ‘त्रिसैनिक वयोवृद्ध दिवस परेड’ का पाँचवाँ संस्करण रविवार को मुंबई की ऐतिहासिक मरीन ड्राइव पर आयोजित किया गया। यह परेड राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले वयोवृद्ध दिवस (14 जनवरी) के उपलक्ष् में आयोजित की गई, जिसने भारतीय थल, नौ और वायु सेना के पूर्व सैनिकों के अमूल्य योगदान को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रेखांकित किया।

इस वर्ष का यह शहर स्तरीय आयोजन, जिसे वयोवृद्ध दिवस पर आयोजित करने वाला मुंबई देश का एकमात्र शहर है, सुबह 8 बजे से 11 बजे तक चला। कार्यक्रम में 500 से अधिक पूर्व सैनिकों ने भाग लिया, जिनमें वीरता पुरस्कार विजेता और 80 वर्ष से अधिक आयु के दिग्गज शामिल थे, जिससे यह दुनिया भर में भारतीय सैन्य समुदाय की एकजुटता का प्रतीक बन गया।

परेड को मुख्य अतिथि और पश्चिमी नौसेना कमान के ध्वज अधिकारी, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन (एवीएसएम, वीएसएम) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन पश्चिमी नौसेना कमान मुख्यालय के सहयोग से नौसेना फाउंडेशन मुंबई चैप्टर द्वारा किया गया।

ऐतिहासिक महत्व और अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ

त्रिसेवा वयोवृद्ध दिवस भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल के. एम. कारियाप्पा की 14 जनवरी 1953 को हुई सेवानिवृत्ति की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर सैन्य सेवा और बलिदान के मूल्यों को सम्मान देने का प्रतीक है। मुंबई में आयोजित यह परेड भारत की समृद्ध सैन्य विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक जीवंत प्रदर्शन था, जिसने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, जर्मनी, चीन सहित दुनिया भर के उन देशों के दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर बनी, जो सैन्य परंपराओं और अंतर्राष्ट्रीय शांति में योगदान का सम्मान करते हैं।

कार्यक्रम में सैन्य बैंड द्वारा प्रदर्शन, स्मारिका वितरण और पूर्व सैनिकों के सम्मान जैसे कार्यक्रम भी शामिल थे, जिसने इस दिन की गरिमा को और बढ़ाया।

मरीन ड्राइव पर आयोजित यह भव्य परेड न सिर्फ भारतीय सैन्य बलों के प्रति कृतज्ञता का एक सशक्त इशारा थी, बल्कि इसने वैश्विक दर्शकों के सामने भारत की साझा मानवीय मूल्यों और शांति के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। यह आयोजन हर उस देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो अपने रक्षा कर्मियों के योगदान को सलाम करता है।

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Author: ainewsworld

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