ईरान में जारी सड़क प्रदर्शनों के बीच सरकार का कड़ा रुख, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द की

ईरान में जारी सड़क प्रदर्शनों के बीच सरकार का कड़ा रुख, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द की

तेहरान: ईरान में आर्थिक संकट से शुरू हुए सड़क प्रदर्शन दो सप्ताह से अधिक समय से जारी हैं और अब सत्ता विरोधी रंग ले चुके हैं। देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामनेई ने प्रदर्शनकारियों को “बर्बर” और “विध्वंसक” करार दिया है और पीछे हटने से इनकार किया है। वहीं, अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने ईरानी नागरिकों के अधिकारों का समर्थन किया है और हिंसा की निंदा की है।

प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और अशांति के मद्देनजर कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने ईरान के लिए उड़ानें रद्द या निलंबित कर दी हैं। इसके साथ ही, ईरानी अधिकारियों ने तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है, जिससे स्थिति की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है।

प्रमुख घटनाक्रम: एक नज़र में

· प्रदर्शनों की शुरुआत: देर दिसंबर 2025 में राजधानी तेहरान में महंगाई और आर्थिक संकट के विरोध के तौर पर शुरू।
· हिंसा और हताहत: मानवाधिकार समूहों के अनुसार, अब तक कम से कम 50 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 2,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
· निर्वासित राजकुमार का आह्वान: अंतिम शाह के पुत्र रेजा पहलवी ने विदेश से प्रदर्शनकारियों का आह्वान किया है कि वे सप्ताहांत में भी सड़कों पर डटे रहें।
· अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो अमेरिका “बहुत कड़ी” कार्रवाई करेगा।

प्रदर्शनों के प्रमुख कारण

· गंभीर आर्थिक संकट: ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।
· महंगाई: मुद्रास्फीति 42% से अधिक है, जिससे आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है।
· सत्ता विरोधी भावना: आर्थिक विरोध अब व्यवस्था परिवर्तन की मांग में तब्दील हो गया है।

सरकार की कार्रवाई और अस्पतालों पर दबाव

सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अस्पतालों पर भी असर पड़ा है। बीबीसी से बात करते हुए तेहरान के एक डॉक्टर ने बताया कि फारबी अस्पताल (नेत्र विशेषज्ञता केंद्र) आपातकालीन मोड में चल रहा है और गैर-जरूरी मामलों की सर्जरी स्थगित कर दी गई है। शिराज शहर के एक अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने बताया कि बड़ी संख्या में घायल आ रहे हैं और उनमें से कई को सिर और आंखों में गोली लगी है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

· अमेरिका: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कार्रवाई में जमीनी सैनिक नहीं भेजे जाएंगे।
· यूरोपीय देश: जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरानी अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आजादी सुनिश्चित करने और हिंसा से बचने का आग्रह किया है।
· यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ईरान में “स्वतंत्रता की मांग कर रहे” लोगों का समर्थन किया है।

विश्लेषण: क्या यह प्रदर्शन पिछले आंदोलनों से अलग हैं?

डीडब्ल्यू की फारसी सेवा की नीलोफर घोलामी के अनुसार, इस बार के प्रदर्शनों का पैमाना और तीव्रता पिछले वर्षों के मुकाबले “अभूतपूर्व” है। उन्होंने कहा कि “डर का वह असर नहीं रह गया है जो पहले हुआ करता था”। हालांकि, ब्रिटेन के पूर्व राजदूत सर साइमन गास का मानना है कि देश के अंदर विपक्ष के संगठित न होने के कारण व्यवस्था परिवर्तन की बात पर अभी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

भविष्य की संभावनाएं

ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को “लाल रेखा” घोषित किया है। देश के सेना और रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने रणनीतिक ढांचे की रक्षा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने का वादा किया है। ऐसे में, आने वाले दिन देश की स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकते हैं।

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Author: ainewsworld

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