वेनेजुएला संकटः UN में अमेरिका घिरा, मादुरो की गिरफ्तारी पर विश्व नाराज

“किसी भी परिस्थिति में एकतरफा बल प्रयोग को सही ठहराने का कोई आधार नहीं है,” कोलंबिया की राजदूत लियोनोर ज़लाबाता टोरेस ने कहा, जिनके देश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यह आपातकालीन बैठक बुलाने का अनुरोध किया था।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में गिरफ्तार किए जाने के बाद से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक आपातकालीन बैठक में अमेरिका को उसके सहयोगी और विरोधी दोनों देशों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। इस कार्रवाई को अमेरिका “कानून प्रवर्तन कार्रवाई” बता रहा है, जबकि रूस और चीन जैसे देश इसे “सशस्त्र आक्रामकता” और “अपहरण” करार दे रहे हैं।

🔍 अमेरिकी रुख: “यह युद्ध नहीं, कानूनी कार्रवाई है”

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज़ ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे एक सर्जिकल कानून प्रवर्तन अभियान बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह वेनेजुएला या उसके लोगों के खिलाफ कोई युद्ध नहीं है, बल्कि दशकों पुराने आपराधिक मामलों से जुड़ी एक कार्रवाई है।

· अमेरिकी आरोप: अमेरिका का कहना है कि उसने एक नार्को-तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिस पर अमेरिका में नार्को-आतंकवाद के आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा।
· अदालत में मादुरो: न्यूयॉर्क की एक अदालत में अपने पहले उपस्थित होने पर मादुरो ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्वयं को “युद्ध बंदी” बताया और कहा कि वह अभी भी अपने देश के राष्ट्रपति हैं।

🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: एकजुट आलोचना

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीखी बहस

आपातकालीन बैठक में UNSC के स्थायी और अस्थायी सदस्यों ने अमेरिकी कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई।

· रूस: राजदूत वासिली नेबेंज़िया ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के युग में वापसी का संकेत है। उन्होंने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की और अमेरिका पर वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण के लिए “नए उपनिवेशवाद” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
· चीन: उप राजदूत सुन लेई ने अमेरिका की “एकतरफा, अवैध और दबंग कार्रवाई” की कड़ी निंदा की और कहा कि यह लैटिन अमेरिका तथा वैश्विक शांति के लिए खतरा है।
· फ्रांस और ब्रिटेन: इन अमेरिकी सहयोगियों ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के हवाले से आलोचना की। फ्रांस के प्रतिनिधि ने कहा कि यह कार्रवाई शांतिपूर्ण विवाद समाधान के सिद्धांतों के खिलाफ है।
· कोलंबिया: कोलंबिया की राजदूत लियोनोर ज़लाबाता टोरेस ने इस कार्रवाई को क्षेत्र में अब तक का सबसे खराब हस्तक्षेप बताया और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा हिंसा से नहीं की जा सकती।

यूरोपीय संघ और अन्य देश

· यूरोपीय संघ: EU ने 27 सदस्य देशों के समर्थन के साथ एक बयान जारी कर शांति और संयम का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का पालन सभी परिस्थितियों में होना चाहिए।
· दक्षिण अफ्रीका: प्रतिनिधि जोनाथन पासमूर ने चेतावनी दी कि ऐसे उल्लंघनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई न करना अराजकता को आमंत्रित करना है।

🗺️ वैश्विक प्रभाव और भविष्य के खतरे

मादुरो की गिरफ्तारी ने अमेरिका-विरोधी रुख अपनाने वाले कई देशों में चिंता पैदा कर दी है।

· शासकों की सुरक्षा चिंता: ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा और बेलारूस जैसे देशों के नेताओं को आशंका है कि कहीं अमेरिका उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई न कर दे।
· राजनयिक गठजोड़: कई देश अब रूस और चीन से अपने संबंध मजबूत कर रहे हैं ताकि किसी संभावित अमेरिकी कार्रवाई से बचा जा सके।
· खतरनाक मिसाल: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने कहा है कि यह कदम “एक अस्वीकार्य रेखा पार कर गया है” और एक खतरनाक मिसाल कायम करता है।

वेनेजुएला में नई राजनीतिक समीकरण

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को देश की अंतरिम नेता के रूप में शपथ दिलाई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण चाहता है और रोड्रिग्ज से अपनी मांगें मनवाने के लिए दबाव बनाए रखेगा। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि बिना पर्याप्त संसाधनों के वेनेजुएला को “चलाने” का अमेरिका का दावा वास्तविकता से टकरा सकता है।

इस घटना ने न केवल लैटिन अमेरिका बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक संप्रभु राष्ट्र के नेता की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय कानून और राजनयिक मानदंडों की पुनर्व्याख्या की मांग कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका अपने रुख पर कायम रहता है या अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकता है।

क्या आपको लगता है कि एक देश को अपने कानून दूसरे देश में लागू करने का अधिकार होना चाहिए ? इस घटना ने इस बहस को फिर से प्रासंगिक बना दिया है।

ainewsworld
Author: ainewsworld

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज