अटल जी की विरासत को समर्पित लखनऊ का ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’, भारत के विकास पथ की याद दिलाएगा

प्रधानमंत्री मोदी लखनऊ कार्यक्रम
-राष्ट्र प्रेरणा स्थल लखनऊ

“राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है,” प्रधानमंत्री मोदी ने लखनऊ में उद्घाटन के दौरान कहा।

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन एक ऐतिहासिक क्षण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थल को राष्ट्र को समर्पित करते हुए अटल जी के विकास के विजन को याद किया और कहा कि उत्तर प्रदेश ने विकास और सुशासन की नई पहचान बनाई है। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल: एक दृष्टि

‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ लखनऊ में स्थित एक स्मारक और डिजिटल संग्रहालय है, जिसे ‘डबल इंजन सरकार’ (केंद्र और राज्य) द्वारा बनाया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के विचारों को जीवंत रखना है।

स्थल की मुख्य विशेषताएं:

· तीन महान विभूतियों की प्रतिमाएं: यहाँ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
· डिजिटल म्यूज़ियम: आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन नेताओं के जीवन, दर्शन और राष्ट्र के प्रति योगदान को प्रदर्शित किया गया है।
· प्रेरणा का केंद्र: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह स्थल इस बात का संदेश देता है कि हमारा हर कदम और प्रयास राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए।

विकास के मार्ग पर अटल के विजन को याद किया गया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि अटल जी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश को विकास के नए विजन के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) का उल्लेख किया, जिसके तहत वर्ष 2000 के बाद 8 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें बनीं। पिछले 11 वर्षों में ही इनमें से 4 लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि पिछले 11 वर्षों से उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक के कल्याण के लिए कड़ी मेहनत कर रही है और सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनका उद्देश्य है।

2025: संरचनात्मक सुधारों और आर्थिक मजबूती का वर्ष

प्रधानमंत्री के संबोधन में उल्लिखित ‘विकास के नए परिदृश्य’ को 2025 में भारत द्वारा किए गए व्यापक आर्थिक सुधारों के संदर्भ में देखा जा सकता है। यह वर्ष भारत के समकालीन इतिहास में एक मानसिक और नीतिगत बदलाव के वर्ष के रूप में चिह्नित हुआ है।

· अभूतपूर्व आर्थिक वृद्धि: वैश्विक चुनौतियों के बीच, भारत ने 2025 में 8.2% की GDP वृद्धि दर्ज की, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है। RBI गवर्नर ने इसे एक ‘दुर्लभ गोल्डीलॉक्स अवधि’ (तेज विकास और कम महंगाई) बताया।
· मेगा सुधारों का दौर: सरकार ने इस साल कराधान, श्रम कानून और व्यापार नियमों में ऐतिहासिक सुधार किए।
· जीएसटी सरलीकरण: जीएसटी को दो स्लैब (5% और 18%) में लाकर इसे अधिक सरल बनाया गया।
· श्रम सुधार: 29 पुराने श्रम कानूनों को चार सरल कोड में समेटा गया, जिससे श्रमिक सुरक्षा बढ़ी और उद्योगों को स्पष्टता मिली।
· मध्यम वर्ग को राहत: 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर-मुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला किया गया।
· ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: 200 से अधिक नियमों को डी-रेगुलेट किया गया और 200 से ज्यादा छोटे अपराधों को डी-क्रिमिनलाइज़ (अपराध की श्रेणी से हटाया) किया गया, ताकि व्यवसाय नोटिस के डर के बिना चल सकें।

उत्तर प्रदेश: विकास की नई गाथा लिखता राज्य

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले तक जो राज्य खराब कानून-व्यवस्था के लिए जाना जाता था, आज विकास का पर्याय बन गया है। इस बदलाव को निम्नलिखित हालिया पहलों से समझा जा सकता है:

· औद्योगिक विवाद समाधान: नोएडा में जमीन से जुड़े दशकों पुराने विवाद को सुलझाने के लिए नई नियमावली बनाई गई, जिससे हजारों भू-स्वामियों को राहत मिलेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।
· ग्रामीण सशक्तिकरण: ‘घरौनी कानून’ (उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025) लाकर ग्रामीणों को उनकी जमीन के पक्के दस्तावेज दिए जा रहे हैं। इससे उन्हें बैंक लोन लेने में आसानी होगी और संपत्ति विवाद कम होंगे।
· महिला सशक्तिकरण: लखनऊ, गाज़ियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में कामकाजी महिलाओं के लिए 8 हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिनके लिए जमीन मात्र 1 रुपये सालाना किराए पर दी जाएगी।

देश-विदेश में छाप छोड़ेगी विरासत

अटल बिहारी वाजपेयी के विदेश नीति के कौशल और आर्थिक सुधारों के प्रति समर्पण ने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया था। आज, उनकी विरासत पर चलते हुए भारत यूके, ओमान, EFTA देशों जैसे साथ नए व्यापार समझौते कर रहा है और विदेशी निवेश को आकर्षित कर रहा है। यह विकास का मॉडल वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है, जो अमेरिका, चीन, जापान जैसे विकसित देशों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन और सहयोग का विषय बन सकता है।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल न केवल अतीत के महान नेताओं को श्रद्धांजलि है, बल्कि 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा और संकल्प का स्रोत भी है। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सबका प्रयास ही विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा’।

ainewsworld
Author: ainewsworld

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज