भारत 2025 में बना डिजिटल दुनिया का शक्तिशाली धुरी: दूरसंचार विभाग की समीक्षा में खुलासा, 5जी और ब्रॉडबैंड में ऐतिहासिक उछाल

देश के डिजिटल परिवर्तन (Digital Transformation) की दिशा में 2025 का साल एक मील का पत्थर साबित हुआ है। दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) की वार्षिक समीक्षा में सामने आए आंकड़े भारत को एक वैश्विक डिजिटल शक्ति (Global Digital Power) के रूप में उभरते हुए दिखाते हैं। राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (National Broadband Mission 2.0) से लेकर पूर्ण 5जी रोलआउट और स्वदेशी तकनीक के विकास तक, इस साल की उपलब्धियां डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करती नज़र आ रही हैं।

5जी और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार

दूरसंचार विभाग के अनुसार, देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। यह सेवा देश के 99.9% जिलों को कवर करते हुए 85% आबादी तक पहुंच चुकी है। दूरसंचार कंपनियों द्वारा अब तक 5.08 लाख से अधिक 5जी बेस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (OFC Network) की लंबाई भी 2019 के मुकाबले दोगुनी से अधिक बढ़कर 42.36 लाख रूट किलोमीटर तक पहुंच गई है, जिससे 2,14,843 ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित हुई है।

टेली-घनत्व और इंटरनेट पहुंच में अभूतपूर्व वृद्धि

भारत का कुल टेली-घनत्व (Tele-density) सितंबर 2025 तक बढ़कर 86.65% हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन कनेक्शनों में 42.9% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो शहरी वृद्धि से लगभग दोगुनी है। सबसे बड़ी उपलब्धि इंटरनेट कनेक्शनों के मोर्चे पर रही, जिनकी संख्या 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर 100.29 करोड़ तक पहुंच गई। मार्च 2014 में यह संख्या मात्र 25.15 करोड़ थी। ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में तो 1,532% का ऐतिहासिक उछाल देखा गया।

डेटा खपत और गति में दुनिया को पीछे छोड़ा

भारत में प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा खपत (Average Data Consumption) में 399 गुना की अद्भुत वृद्धि दर्ज की गई है, जो मार्च 2014 के 61.66 एमबी से बढ़कर 2025 में 24.01 जीबी हो गई है। यह दुनिया में सबसे अधिक खपत में से एक है। वहीं, औसत मोबाइल ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड 2019 के 10.71 एमबीपीएस से बढ़कर अक्टूबर 2025 में 131.47 एमबीपीएस पर पहुंच गई, जिससे उपभोक्ताओं को अब्लीमिट डेटा का तेजी से लाभ मिल रहा है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम: स्वदेशी 4जी/6जी और पीएलआई सफलता

तकनीकी आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Bharat) के क्षेत्र में भारत ने बड़ी सफलता हासिल की है। देश दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जिसने अपना स्वदेशी 4जी स्टैक (Indigenous 4G Stack) विकसित किया है, जिसे आसानी से 5जी में अपग्रेड किया जा सकता है। यह उपलब्धि सी-डॉट और तेजस नेटवर्क्स जैसी कंपनियों के सहयोग से हासिल की गई। इसके साथ ही, भारत 6जी मिशन (India 6G Mission) के तहत स्वदेशी 6जी तकनीक के अनुसंधान और विकास में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत 96,240 करोड़ रुपये की बिक्री और 19,240 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य हासिल किया गया है, जिससे लगभग 30,000 नौकरियों का सृजन हुआ।

साइबर सुरक्षा और नागरिक-केंद्रित पहलों में बड़ी सफलता

नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई ‘वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक’ (FRI) पहल ने बड़ी सफलता पाई है। इसके तहत अब तक 70 लाख से अधिक संदिग्ध लेन-देन पर अलर्ट जारी किया गया और लोगों को लगभग 450 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान से बचाया जा सका है। वहीं, संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi App) ने 21 क्षेत्रीय भाषाओं में लॉन्च होने के बाद से 1.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड प्राप्त किए हैं। इस पहल की मदद से 26.35 लाख खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया गया और 7.3 लाख फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंपे गए।

आपदा प्रबंधन और युवा जुड़ाव पर जोर

विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी मजबूत दूरसंचार अवसंरचना और निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की हैं। साथ ही, युवाओं को डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता से जोड़ने के लिए संचार मित्र 2.0 (Sangchar Mitra 2.0) पहल शुरू की गई है।

2025 की ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि भारत अब न केवल डिजिटल परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है, बल्कि वह ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की रणनीति के साथ दुनिया के लिए मानक तय कर रहा है। डिजाइन इन इंडिया, सॉल्व इन इंडिया और स्केल फॉर द वर्ल्ड के दृष्टिकोण पर चलते हुए, भारत का दूरसंचार क्षेत्र निरंतर नवाचार और समावेशी विकास की नई इबारत लिख रहा है।

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Author: ainewsworld

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