भारत अब ग्लोबल क्रिएटिव टेक हब बनेगा: IICT और WAVES प्लेटफॉर्म से मिलेगी एनिमेशन, गेमिंग और XR को नई ऊर्जा

भारत अपनी रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलाने और एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग तथा एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि से ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़’ (IICT) की स्थापना और ‘WAVES’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के क्रिएटिव इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान की जा रही है।

IICT: क्रिएटिव टेक्नोलॉजी का ‘आईआईटी’

AVGC-XR (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) को IICT के रूप में विकसित किया गया है। मुंबई के एनएफडीसी कैंपस में स्थित इस संस्थान को करीब 391 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आईआईटी और आईआईएम के समतुल्य एक प्रमुख संस्थान खड़ा करना है।

IICT उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम, विशिष्ट प्रशिक्षण और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के जरिए वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी और 3D मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की कमी को दूर करेगा। संस्थान ने गेमिंग, पोस्ट-प्रोडक्शन, एनिमेशन, कॉमिक्स और XR में 17 विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए हैं।

गूगल, मेटा, एप्पल जैसी वैश्विक कंपनियों का सहयोग

IICT ने पाठ्यक्रम विकास, उन्नत टूल्स तक पहुंच, मेंटरशिप और उद्योग सहयोग के लिए गूगल, मेटा, एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, एडोब और WPP जैसी अग्रणी वैश्विक कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। यह संस्थान एक ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत काम करेगा।

इसके साथ ही, IICT स्टार्टअप इनक्यूबेशन और बौद्धिक संपदा (IP) निर्माण को भी समर्थन देगा, जिससे भारतीय क्रिएटिव टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्टूडियो, निवेशकों और बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी। इससे ‘क्रिएट इन इंडिया’ और ‘ब्रांड इंडिया’ के लक्ष्यों को बल मिलेगा।

WAVES: वैश्विक मंच पर भारतीय क्रिएटिव क्षमता

मई 2025 में आयोजित WAVES 2025 कार्यक्रम ने भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए एक वैश्विक मंच का काम किया। यह पहल निम्नलिखित तीन प्रमुख आयामों के माध्यम से AVGC क्षेत्र और स्टार्टअप्स को सशक्त बना रही है:

1. WAVES मार्केट: यह भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए सालभर चलने वाला एक हाइब्रिड वैश्विक बाज़ार है। यह संरचित B2B बैठकों, सह-निर्माण के अवसरों को बढ़ावा देता है और भारतीय फिल्मों, एनिमेशन, गेमिंग, VFX तथा XR कंटेंट को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत करता है।
2. WAVES स्टार्टअप इनक्यूबेटर: यह AVGC-XR और उभरती मीडिया टेक्नोलॉजी के लिए समर्पित एक एक्सेलेरेटर और इनक्यूबेटर है। यह मेंटरशिप, उन्नत प्रोडक्शन एवं इमर्सिव-टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच और निवेशकों से जुड़ाव प्रदान करता है। WAVES शिखर सम्मेलन 2025 में 30 स्टार्टअप्स को माइक्रोसॉफ्ट और यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स जैसे निवेशकों के सामने पिच करने का मौका मिला।
3. क्रिएटोस्फीयर: यह ‘क्रिएट इन इंडिया’ प्रतिभा-खोज पहल है, जो एनिमेशन, गेमिंग, वेबटून और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में सालाना 30-35 राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करती है। इसका लक्ष्य नए रचनाकारों को मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और उद्योग के अवसरों से जोड़ना है।

सरकारी प्रयास और भविष्य की राह

भारत सरकार ने AVGC क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। अप्रैल 2022 में केंद्रीय बजट घोषणा के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने AVGC प्रमोशन टास्क फोर्स का गठन किया। इस टास्क फोर्स ने दिसंबर 2022 में अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें राष्ट्रीय AVGC मिशन, उत्कृष्टता केंद्र, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारतीय IP को बढ़ावा देने की सिफारिशें शामिल थीं।

IICT और WAVES जैसे प्रयासों से भारत न सिर्फ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि इस क्षेत्र में हजारों नौकरियां सृजित करने और निवेश आकर्षित करने में भी सफल होगा। यह पहल देश को वैश्विक मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग के लिए एक अग्रणी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।

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Author: ainewsworld

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