रूस के राष्ट्रपति पुतिन को PM मोदी ने भेंट की भगवद् गीता, मिले ये 5 खास उपहार

भारतीय संस्कृति, कला और कूटनीति का अनूठा संगम थे पीएम मोदी के चुने हुए तोहफे, जिनमें हर एक वस्तु देश के एक अलग क्षेत्र की शान को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को छह विशेष उपहार भेंट किए। ये तोहफे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्प कौशल का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें कश्मीर का केसर, आगरा का पत्थर का शतरंज सेट और रूसी भाषा में भगवद् गीता जैसी विशेष वस्तुएं शामिल हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक सूक्ष्म प्रयास भी है।

उपहारों की सूची और उनका महत्व

1. श्रीमद्भगवद्गीता (रूसी अनुवाद)

· महत्व: यह उपहार सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक गहरा प्रतीक है। 2011 में रूस में गीता के एक रूसी संस्करण पर ‘चरमपंथी साहित्य’ होने का विवाद खड़ा हुआ था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। पंद्रह साल बाद यही ग्रंथ दोनों देशों के बीच सद्भाव का प्रतीक बनकर उभरा है।

2. कश्मीरी केसर

· महत्व: कश्मीर में 1,600 मीटर की ऊंचाई पर उगने वाला यह केसर अपने गहरे रंग और सुगंध के लिए प्रसिद्ध है। इसे 2020 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुआ, जो इसकी प्रामाणिकता और विशिष्टता का प्रमाण है। यह क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का भी प्रतीक है।

3. असम ब्लैक टी

· महत्व: अपने माल्टी स्वाद के लिए मशहूर असम की यह काली चाय भी एक GI टैग प्राप्त उत्पाद है। यह उपहार दोनों देशों में चाय के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करता है।

4. आगरा का संगमरमर शतरंज सेट

· महत्व: आगरा की पत्थर की नक्काशी और जड़ाई (Pietra Dura) की ऐतिहासिक कला का यह एक बेहतरीन नमूना है। इस क्षेत्र के शिल्पकारी के कौशल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का यह एक प्रयास है।

5. महाराष्ट्र का चांदी का घोड़ा

· महत्व: यह हस्तनिर्मित कलाकृति भारत की धातु शिल्प परंपरा की बारीकियों को दर्शाती है। इसकी जटिल नक्काशी देश के शिल्पकारों के कौशल को उजागर करती है।

एक उपहार के पीछे की कहानी: कश्मीरी केसर और GI टैग का महत्व

पीएम मोदी द्वारा दिए गए कश्मीरी केसर का चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रामाणिक भारतीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक कदम है। इसके GI टैग का मतलब है कि इसे कश्मीर के विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में ही उगाया जा सकता है और इसकी एक अनूठी गुणवत्ता है।

इस टैग से नकली उत्पादों पर अंकुश लगाने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिलती है। कश्मीर सरकार नकली GI लेबल वाले उत्पादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का विश्वास बना रहे।

सांस्कृतिक कूटनीति: एक गहरा संदेश

ये उपहार साधारण तोहफे मात्र नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति के सूक्ष्म औजार हैं। भगवद् गीता का रूसी संस्करण भेंट करना एक ऐतिहासिक विवाद को सद्भाव में बदलने का प्रतीक है। वहीं, देश के अलग-अलग कोनों से चुने गए शिल्प और उत्पाद, ‘एक देश, एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी पहलों को बढ़ावा देते हैं।

इन उपहारों के माध्यम से भारत ने रूस के साथ अपने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के संबंधों को केवल रक्षा और व्यापार तक सीमित न रखते हुए, लोगों और संस्कृतियों के बीच एक गहरे जुड़ाव के रूप में पेश किया है।

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Author: ainewsworld

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