
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आज यहाँ से ‘सरदार@150 नेशनल यूनिटी मार्च’ की शुरुआत हुई। यह राष्ट्रीय पदयात्रा देश के युवाओं के लिए एकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के सरदार पटेल के सपने को साकार करने का एक जीवंत मंच बन गई है।
एक ऐतिहासिक दिन की शुरुआत
कार्यक्रम का आरंभ सरदार पटेल के आणंद स्थित पैतृक निवास के दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुआ। इसके बाद, वल्लभ विद्यानगर के शास्त्री मैदान में आयोजित एक विशाल समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और केंद्रीय मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने हज़ारों युवाओं को संबोधित किया।
मुख्य अतिथियों ने दोपहर 12 बजे संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस 11-दिवसीय पदयात्रा का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल ने कहा, “यह मार्च सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे सामूहिक दायित्व की अभिव्यक्ति है। सरदार पटेल के सिद्धांत आज भी हमें एक सूत्र में बांधते हैं।”
युवा शक्ति ने बढ़ाया समारोह का दमखम
इस कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय बात थी देश के कोने-कोने से पहुंचे हज़ारों युवा प्रतिभागी। “मेरा युवा भारत” के स्वयंसेवकों ने ‘एक भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के नारों से समां बांध दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशेष संदेश ने युवाओं को इस ऐतिहासिक यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान ‘सरदार गीत’ का लोकार्पण किया गया और सरदार पटेल द्वारा सहकारी आंदोलनों की नींव रखने पर एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
चार नदी प्रवाहों से जुड़ेगी मुख्य यात्रा
इस राष्ट्रीय पदयात्रा का दायरा और भी व्यापक है। दिल्ली, जयपुर, नागपुर और मुंबई से शुरू हुई चार象征िक सड़क यात्राएं—गंगा, यमुना, नर्मदा और गोदावरी प्रवाह—अपने-अपने रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं। ये सभी यात्राएं आनंद में आकर मुख्य राष्ट्रीय पदयात्रा में शामिल होंगी, जो देश की विविधता में एकता का जीवंत प्रतिबिंब पेश करेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह
पदयात्रा के पहले दिन शाम को नावली में विश्राम स्थल पर युवाओं का जोरदार स्वागत किया गया। देशभक्ति गीत, लोक नृत्य, और नुक्कड़ नाटकों की एक श्रृंखला ने वातावरण को गौरव और उत्साह से भर दिया। इन कार्यक्रमों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि सरदार पटेल के जीवन संघर्ष और राष्ट्र एकीकरण के प्रयासों को भी रेखांकित किया।
सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
यह आयोजन सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक दायित्व की भावना को मजबूत करने का एक अवसर भी है। जिस तरह एसएसबी द्वारा आयोजित जागरूकता रैली में नागरिकों को सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया , उसी प्रकार यह पदयात्रा भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति सजग कर रही है।
यह पदयात्रा अगले 11 दिनों तक चलेगी और केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर अपनी मंजिल तक पहुंचेगी। पूरा देश उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है कि यह यात्रा सरदार पटेल के सपनों का ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ बनाने की दिशा में एक मजबूत पड़ाव साबित होगी।
Author: ainewsworld