
लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा में प्रगतिशील एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के सख्त निर्देश दिए।
बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने नियमित जनसुनवाई आयोजित करने और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया।
प्रमुख परियोजनाओं पर केंद्रित चर्चा
बैठक में शहर के परिदृश्य को बदलने वाली कई प्रमुख बुनियादी ढांचा एवं सामुदायिक परियोजनाओं पर गहन चर्चा हुई। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
· एयरो सिटी का विकास, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलने की उम्मीद है।
· रामाश्रय भवन का निर्माण, जो तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के लिए एक सुविधाजनक आवास के रूप में कार्य करेगा।
· दिव्यांग पार्क और संविधान पार्क जैसी हरित परियोजनाएं, जो नागरिकों को बेहतर सामाजिक स्थल उपलब्ध कराएंगी।
· किशोर सागर तालाब का जीर्णोद्धार और कैथूनीपोल चौराहे का उन्नयन, जिससे यातायात प्रवाह और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण होगा।
· मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर और डाढ़देवी मंदिर के विकास कार्य, जो धार्मिक स्थलों के ढांचागत विकास पर केंद्रित हैं।
· शहर के प्रवेश द्वारों के निर्माण के साथ-साथ विभिन्न आवासीय योजनाएं।

राष्ट्रीय संदर्भ में कोटा का विकास
यह समीक्षा एक ऐसे समय में हुई है जब देश भर में शहरी विकास को गति मिल रही है। विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की शहरी आबादी के 2050 तक लगभग दोगुनी होकर 95.1 करोड़ होने का अनुमान है, जिसके लिए 20.7 करोड़ से अधिक नए घरों की आवश्यकता होगी . रिपोर्ट में भारत के शहरों को भीषण मौसम की घटनाओं के प्रभावों से निपटने और स्थिति अनुकूलित बुनियादी ढांचे में निवेश की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है .
स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी
लोकसभा अध्यक्ष ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों से कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय शहर के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जनसुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनका तुरंत समाधान करने पर विशेष जोर दिया गया।
एक सुव्यवस्थित शहरी भविष्य की ओर
इस बैठक का आयोजन और लोकसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए निर्देश कोटा के व्यापक शहरी परिवर्तन की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। देश के शहरी विकास के लिए जारी प्रयासों के मद्देनजर, कोटा में यह पहल न केवल स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि एक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के निर्माण में भी मदद करेगी.
Author: ainewsworld