
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाएं अब 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं, जबकि पहले ये केवल हिंदी और अंग्रेजी तक ही सीमित थीं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा।
डीओपीटी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) में आयोजित इस बैठक में डॉ. सिंह ने भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं कुशल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भर्ती चक्र का समय 15 महीने से घटाकर 8 महीने किया गया है और आने वाले समय में इसे और कम करने की योजना है।
नए सुधारों पर प्रकाश डाला
डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ का भी उल्लेख किया, जिसके नियम अब अधिसूचित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए मानक तय किए जाएं ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
उन्होंने ‘एकल नौकरी आवेदन पोर्टल’ बनाने की भी घोषणा की, जिससे नौकरी चाहने वालों को विभिन्न प्लेटफॉर्म पर आवेदन करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी और उनका समय व ऊर्जा बचेगी।
मिशन कर्मयोगी और डिजिटलीकरण पर जोर
डॉ. सिंह ने मिशन कर्मयोगी की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि अब तक 89 लाख से अधिक कर्मचारी इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।
डिजिटल इंडिया की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान 70-80% सरकारी कार्य ऑनलाइन हुए, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्मिक नीतियों में पारदर्शिता लाएं और प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए न्यायसंगत नियम बनाएं। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों के लिए सुशासन के मॉडल विकसित करने का आग्रह किया।
इस बैठक में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रचना शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. सिंह ने अधिकारियों के सवालों के जवाब भी दिए और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
यह नई पहल युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Author: ainewsworld



