“सरकार का बड़ा फैसला: 2030 के बजाय 2025-26 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण, कैसे बदलेगी ईंधन की तस्वीर?”
सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 20% तक बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। संशोधित राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति-2018 के तहत, पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2030 के बजाय अब इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ईएसवाई) 2025-26 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने जून 2022 में ही पेट्रोल में 10% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया था, जो निर्धारित समय से पांच महीने पहले था। वर्तमान में, इथेनॉल मिश्रण ईएसवाई 2022-23 में 12.06%, ईएसवाई 2023-24 में 14.60%, और ईएसवाई 2024-25 में 17.98% तक पहुंच गया है। हालांकि, अभी तक 20% से अधिक इथेनॉल मिश्रण को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
इथेनॉल मिश्रण के लिए 2020-25 के रोडमैप के अनुसार, 20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (ई20) के उपयोग से ईंधन दक्षता में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन इंजन हार्डवेयर और ट्यूनिंग में संशोधन करके इस कमी को कम किया जा सकता है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) ने बताया कि ई20 ईंधन से वाहन के प्रदर्शन या इंजन के पुर्जों को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है।
राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत, इथेनॉल उत्पादन के लिए क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, मक्का, गन्ने का रस, गुड़, और कृषि अवशेष जैसे फीडस्टॉक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इथेनॉल उत्पादन के लिए फीडस्टॉक की उपलब्धता, लागत, और बाजार की मांग के आधार पर हर साल इसकी सीमा तय की जाती है।
सरकार ने 2014 से इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (ईबीपी) के तहत किसानों और इथेनॉल उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय किए हैं। इसमें फीडस्टॉक का विस्तार, इथेनॉल खरीद के लिए प्रशासित मूल्य तंत्र, जीएसटी दर में कमी, और इथेनॉल की आवाजाही को सुगम बनाने जैसे कदम शामिल हैं। इन प्रयासों से पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को 2025-26 तक हासिल करने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।

Author: ainewsworld



