मिडिल ईस्ट में भड़का युद्ध: अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर बरसाए 1200 बम, सुप्रीम लीडर खामेनेई समेत 48 नेताओं की मौत का दावा

तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट इन दिनों युद्ध की भीषण आग में जल रहा है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला करते हुए 1200 बम गिरा दिए। इस संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने का दावा किया गया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और एक बड़े युद्ध की आशंका जताई जा रही है।

खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक

अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के टॉप लीडरशिप को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में अयातुल्ला खामेनेई के अलावा उनकी बेटी, पोती, दामाद मोहतबा खामेनेई और बहू जहरा हद्दाद अदेल की भी मौत हो गई। खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर दिया गया है। सरकारी टीवी चैनलों ने लगातार इस हमले को ‘आतंकवादी कृत्य’ बताते हुए कठोर से कठोर जवाब देने की कसम खाई है।

ईरान का जवाबी हमला: अमेरिकी ठिकानों और दुबई में CIA सुविधा तबाह

खामेनेई की मौत के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, उसने मध्य पूर्व में स्थित 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया, जिसमें सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। सबसे बड़ा हमला दुबई में बताया जा रहा है, जहां ईरान की मिसाइलों ने एक गुप्त CIA सुविधा को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ पर भी चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान के बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

इजरायल ने किया चुन-चुनकर नेताओं का सफाया

इजरायल की ओर से भी हमले लगातार जारी हैं। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि उसने तेहरान और आसपास के इलाकों में ड्रोन और हवाई हमले करके ईरान के 40 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य कमांडरों को मार गिराया है। मारे जाने वालों में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भी शामिल बताए जा रहे हैं, हालांकि ईरानी प्रशासन ने इसका खंडन किया है।

इस हमले में ईरान की सैन्य और सुरक्षा कमान को बड़ा झटका लगा है। मारे गए प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:

· मोहम्मद पकपूर: IRGC की ग्राउंड फोर्स के कमांडर।
· अमीर नासिरजादेह: पूर्व रक्षा मंत्री और मिसाइल कार्यक्रम के मास्टरमाइंड।
· अली शमखानी: सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार और सुरक्षा परिषद के प्रमुख।
· इस्माइल कानी: IRGC की कुद्स फोर्स के प्रमुख।
· मोहम्मद बघेरी: सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ।

ट्रंप की चेतावनी: पहले कभी नहीं देखा होगा ऐसा हमला

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाबी हमलों के बाद एक बयान जारी करते हुए सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने हमले जारी रखे तो अमेरिका उस पर इतनी ताकत से हमला करेगा, जितना पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-इजरायल के हमले में अब तक ईरान के 48 बड़े नेता ढेर हो चुके हैं और उनकी कमान पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की संभावनाएं

इस संघर्ष ने पूरे विश्व को चिंता में डाल दिया है। रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है, वहीं फ्रांस और यूएई ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष न सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकता है। ईरान ने अब तक अपने सर्वोच्च नेता की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन उसके बदले की कसमों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। देखना होगा कि आने वाले घंटों में यह जंग क्या रूप लेती है।

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Author: ainewsworld

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