पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर जारी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के बीच अब वैश्विक शक्तियों ने युद्ध विराम और कूटनीतिक समाधान की मांग जोर-शोर से उठानी शुरू कर दी है। रूस, यूरोपीय संघ और एशियाई देशों ने स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
रूस का सख्त रुख: तुरंत रोके जाएं हमले
रूस ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए जा रहे हमलों को तत्काल रोकने का आह्वान किया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया जाना चाहिए। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदमों से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और गहराने का खतरा है। रूस ने स्थिति को राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के मार्ग पर वापस लाने पर जोर देते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और आपसी सम्मान के आधार पर शांतिपूर्ण हल निकालने में सहायता के लिए तैयार है।
यूरोपीय संघ ने जताई चिंता, नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लॉयन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने एक संयुक्त बयान में ईरान के घटनाक्रमों को “बेहद चिंताजनक” बताया। दोनों नेताओं ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण रूप से पालन करने और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बयान में यह भी कहा गया कि यूरोपीय संघ क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
मध्य पूर्व से प्रतिक्रिया: कुवैत ने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर जताई नाराजगी
क्षेत्रीय देश कुवैत ने अपनी धरती पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैती विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये हमले ईरान द्वारा उसके हवाई क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन करते हुए किए गए हैं। मंत्रालय ने इसे एक गंभीर घटनाक्रम बताते हुए उचित जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है।
यूरोप के दो देशों ने उठाए सवाल
· बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने कहा कि ईरानी जनता को अपनी सरकार के फैसलों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने अफसोस जताया कि राजनयिक प्रयासों से पहले कोई समझौता नहीं हो सका।
· नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ने इजराइल के हमलों को सुरक्षात्मक बताए जाने वाले दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है।
इंडोनेशिया: कूटनीति और मध्यस्थता का आगाज
· इंडोनेशिया ने इस संकट में मध्यस्थता की पेशकश की है। इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कराने के लिए तैयार हैं। इंडोनेशिया ने अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने पर गहरा अफसोस जताते हुए सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
फिलीपींस ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने इस संकट के बीच ईरान और पूरे पश्चिम एशिया में फिलीपींस के नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में लगभग 21 लाख फिलीपीन्सी श्रमिक कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस, यूरोप और एशियाई देशों के इस संयुक्त दबाव से ईरान संकट को कूटनीतिक पटल पर लाने की कोशिशें तेज हो सकती हैं, हालांकि फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
Author: ainewsworld