CWG 2030: भारत में 20 साल बाद होंगे राष्ट्रमंडल खेल, एथलीटों ने जताई खुशी

भारत में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की वापसी से खिलाड़ियों में उत्साह, फिट इंडिया साइकिलिंग अभियान में शामिल हुए स्टार एथलीट।

नई दिल्ली: भारत एक बार फिर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करने को तैयार है। 20 साल के लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रमंडल खेल 2030 (CWG 2030) के भारत में आयोजित होने की घोषणा ने देश के खेल जगत में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। शीर्ष एथलीटों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारत की बढ़ती खेल प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया है।

‘फिट इंडिया साइकिलिंग अभियान’ में दिखा जोश

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में साइकिल चालकों ने रैली निकाली। इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए भारतीय हॉकी टीम के पूर्व स्टार और टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता रुपिंदर पाल सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

रुपिंदर पाल सिंह ने कहा, “20 साल बाद राष्ट्रमंडल खेल भारत लौट रहे हैं, यह हर भारतीय खिलाड़ी के लिए बेहद खुशी की बात है। यह सरकार, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और राष्ट्रीय खेल संघों (NSFs) के संयुक्त प्रयासों से ही संभव हो पाया है।”

2036 ओलंपिक का सपना होगा साकार

एथलीटों का मानना है कि 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2036 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी के सपने को पूरा करने में एक अहम कड़ी साबित होगी। रुपिंदर पाल सिंह ने आगे कहा कि यह आयोजन भारत को बड़े बहु-विषयक खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की दिशा में एक उत्प्रेरक का काम करेगा।

2010 की यादें और 2030 की उम्मीदें

2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की यादें ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू दर्शकों के सामने खेलना किसी भी एथलीट के लिए सबसे यादगार पल होता है। “2010 में जब भारत ने मेजबानी की थी, तब मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेला था। अब जो युवा खिलाड़ी अपने घर पर खेलेंगे, उनके लिए यह सुनहरा अवसर होगा। हमने 2010 में 100 से अधिक पदक जीते थे, मुझे पूरा विश्वास है कि 2030 में भी हम शानदार प्रदर्शन करेंगे।”

हॉकी और शूटिंग की वापसी से मिलेगा बढ़ावा

उल्लेखनीय है कि बर्मिंघम में हुए पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में हॉकी और शूटिंग जैसे प्रमुख खेलों को शामिल नहीं किया गया था, जिनमें भारत का पदक जीतने का शानदार इतिहास रहा है। रुपिंदर पाल सिंह ने उम्मीद जताई कि 2030 में इन खेलों की वापसी होगी, जिससे भारतीय दल को और मजबूती मिलेगी। “हॉकी और शूटिंग के वापस लौटने से हमारे खिलाड़ियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। यह पूरे भारतीय खेल परिवार के लिए एक शानदार खबर है,” उन्होंने कहा।

सरकार के फिट इंडिया अभियान के तहत साइकिलिंग कार्यक्रम में एथलीट रोहित टोकस ने भी हिस्सा लिया और युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी को भारत की बढ़ती वैश्विक खेल छवि और यहां की खेल संस्कृति के विकास के रूप में देखा जा रहा है।

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Author: ainewsworld

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