अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद का भारत दौरा, एआई समिट में शामिल होने दिल्ली पहुंचे

अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान India AI Impact Summit में शिरकत करने पहुंचे।

नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच तकनीकी सहयोग को एक नई दिशा देते हुए अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान गुरुवार को भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। वह प्रतिष्ठित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit) में हिस्सा लेंगे, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यूएई के शाही परिवार के इस उच्च स्तरीय दौरे को दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के तौर पर देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत और यूएई उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्वसनीय भागीदार हैं।

तकनीकी साझेदारी पर बड़ा बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत और संयुक्त अरब अमीरात उन्नत प्रौद्योगिकी में विश्वसनीय साझेदार हैं और एक बेहतर तथा साझा भविष्य के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि युवराज की यह यात्रा दोनों देशों के बीच नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के साझा दृष्टिकोण को मजबूत करेगी।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का महत्व

India AI Impact Summit में दुनियाभर के नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य एआई के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना और इसके नैतिक एवं समावेशी उपयोग पर चर्चा करना है। शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मौजूदगी इस समिट की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाती है।

भारत-यूएई: एक मजबूत साझेदारी की नई इबारत

पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूएई के संबंध व्यापार और ऊर्जा से आगे बढ़कर रक्षा, अंतरिक्ष और अब कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों तक फैल गए हैं। यह दौरा न केवल भारत और यूएई के लिए बल्कि वैश्विक मंच पर टेक्नोलॉजी के भविष्य को लेकर अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन जैसे देशों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी एआई के क्षेत्र में नए वैश्विक मानक स्थापित कर सकती है।

अपनी इस यात्रा के दौरान युवराज के भारत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात और द्विपक्षीय तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा करने की संभावना है। इस दौरे से दोनों देशों के बीच डिजिटल क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है।

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Author: ainewsworld

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