“बड़ी खबर: 12 जिलों में बिछेंगी नई रेल पटरियां! 97 लाख लोगों की बदलेगी जिंदगी, जानें कहां-कहां होगा फायदा”

Railway का विस्तार: दिल्ली से कर्नाटक तक 389 किलोमीटर नई पटरियां, इन 12 जिलों को होगा सीधा फायदा

🚨 बड़ी खबर! मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला 🚨
अब दिल्ली से कर्नाटक का सफर होगा और भी आसान और तेज! 🚆
केंद्र सरकार ने 4 राज्यों के 12 जिलों में 389 किलोमीटर लंबी नई रेल पटरियां बिछाने को मंजूरी दे दी है। इस पर 18,509 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने देश के चार राज्यों के 12 जिलों में रेलवे ट्रैक के विस्तार को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) की बैठक में रेल मंत्रालय की तीन बड़ी परियोजनाओं पर मुहर लगी है, जिन पर करीब 18,509 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस फैसले से भारतीय रेलवे का म বিদ্যমान नेटवर्क 389 किलोमीटर बढ़ जाएगा और सीधे तौर पर 97 लाख की आबादी वाले 3,902 गांवों को कनेक्टिविटी मिलेगी।

कहां-कहां बिछेंगी नई पटरियां?

कैबिनेट ने जिन तीन परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है, उनमें शामिल हैं:

1. दिल्ली–अंबाला तीसरी और चौथी लाइन – इससे दिल्ली, हरियाणा के कई जिले जुड़ेंगे।
2. कसारा–मनमाड तीसरी और चौथी लाइन – महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर क्षमता बढ़ेगी।
3. बैल्लारी–होसपेट तीसरी और चौथी लाइन – कर्नाटक के इस हिस्से में रेल यातायात सुगम होगा।

ये सभी परियोजनाएं पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत बनाई गई हैं, जिसका मकसद अलग-अलग परिवहन साधनों (सड़क, रेल, बंदरगाह) को आपस में जोड़कर लॉजिस्टिक्स को सस्ता और तेज बनाना है।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को होगा। फिलहाल कई रूटों पर रेलवे ट्रैक की क्षमता पूरी भर चुकी है, जिससे ट्रेनों की स्पीड सीमित रहती है और मालगाड़ियों को भी इंतजार करना पड़ता है। नई पटरियां बिछने से भीड़भाड़ कम होगी और ट्रेनें समय पर चल सकेंगी।

1. सफर होगा आसान और तेज: दिल्ली-अंबाला रूट पर अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चलती हैं। अतिरिक्त लाइन बनने से एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और यात्रियों को कम समय में मंजिल मिलेगी। वहीं, कसारा-मनमाड सेक्शन पर मुंबई-नागपुर के बीच माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
2. पर्यटन को बढ़ावा: इन रूटों पर कई प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जैसे हम्पी (यूनेस्को विश्व धरोहर), त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र), बैल्लारी किला और दारोजी स्लॉथ बेयर सेंचुरी (कर्नाटक), और श्री माता वैष्णो देवी कटरा (जम्मू-कश्मीर) से सीधा संपर्क बेहतर होगा। अच्छी कनेक्टिविटी से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय होटल, होमस्टे और छोटे कारोबारियों को फायदा होगा।
3. रोजगार के नए दरवाजे: कैबिनेट के बयान के मुताबिक, इन परियोजनाओं से निर्माण कार्य के दौरान तो रोजगार मिलेगा ही, बाद में भी नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। खासकर छोटे किसानों और उद्यमियों को अपना माल दूर के बाजारों तक भेजने में सुविधा होगी।

व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती

ये परियोजनाएं सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई के लिहाज से भी अहम हैं। इन रूटों से रोजाना कोयला, लौह अयस्क, स्टील, सीमेंट, अनाज और उर्वरक की ढुलाई होती है। नई लाइनें बनने से सालाना करीब 96 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढोया जा सकेगा। इससे देश की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, क्योंकि रेलवे सड़क परिवहन के मुकाबले सस्ता और ज्यादा ऊर्जा कुशल है।

पर्यावरण को भी फायदा

रेलवे के विस्तार से एक बड़ा पर्यावरणीय लाभ भी होगा। सड़कों पर ट्रकों की संख्या कम होगी, जिससे पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आएगी। सरकारी अनुमान के मुताबिक, इन परियोजनाओं के चलते हर साल करीब 22 करोड़ लीटर तेल के आयात में बचत होगी और 111 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा। यह लगभग 4 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर असर डालेगा।

किन जिलों को होगा फायदा?

इन तीन परियोजनाओं का दायरा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों तक फैला है। हालांकि सरकार ने अभी जिलों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन रूट के हिसाब से अंबाला, करनाल, पानीपत (हरियाणा), नासिक, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), और बैल्लारी, होसपेट (कर्नाटक) जैसे जिले शामिल हो सकते हैं। इन इलाकों में औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।

रेलवे नेटवर्क का यह विस्तार केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि आम नागरिक की जिंदगी बदलने वाला कदम है। तेज ट्रेनें, कम भीड़, सस्ता माल और बेहतर पर्यटन सुविधाएं — इस फैसले के कई आयाम हैं। जैसे-जैसे काम पूरा होगा, दिल्ली से कर्नाटक तक फैला यह रेलमार्ग विकास की नई रफ्तार देगा।

ainewsworld
Author: ainewsworld

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज