महिला एवं बाल विकास की नई राह: तीन मिशनों के तहत मिल रहा है पोषण, संरक्षण और सशक्तिकरण का लाभ

 महिला एवं बाल विकास की नई राह: तीन मिशनों के तहत मिल रहा है पोषण, संरक्षण और सशक्तिकरण का लाभ

देश में महिलाओं और बच्चों के कल्याण को एक नई दिशा देने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) ने अपनी सभी प्रमुख योजनाओं को तीन व्यापक “छात्रि मिशनों” में समाहित कर दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना और लाभार्थियों तक सही पहुंच सुनिश्चित करना है। केरल सहित पूरे देश में अब पोषण सहायता, बाल देखभाल सेवाओं और मातृ स्वास्थ्य जागरूकता के कार्यक्रम इन्हीं मिशनों के तहत संचालित किए जा रहे हैं।

मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ये तीन प्रमुख मिशन हैं: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य। आइए जानते हैं इन मिशनों की खास बातें और इनके तहत मिलने वाले लाभों के बारे में।

(1) मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 (मिशन पोषण 2.0)

यह मिशन देश में पोषण और स्वास्थ्य संकेतकों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत आंगनवाड़ी सेवाओं, पोषण अभियान और किशोरी बालिका योजना को एकीकृत किया गया है। इस मिशन की मुख्य गतिविधियाँ तीन भागों में बंटी हैं:

· पोषण सहायता: गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, छोटे बच्चों और किशोरियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना।
· प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा: छोटे बच्चों के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करना।
· सक्षम आंगनवाड़ी: आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उन्हें बेहतर सुविधाओं से लैस करना, ताकि वे बच्चों और महिलाओं के लिए एक सक्षम वातावरण प्रदान कर सकें।

(2) मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

मिशन शक्ति को दो भागों में बांटा गया है – ‘संबल’ (सुरक्षा) और ‘समर्थ्य’ (सशक्तिकरण) । इस मिशन का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

संबल’ के तहत निम्नलिखित योजनाएं चलाई जा रही हैं:

· वन स्टॉप सेंटर (OSC): हिंसा या किसी भी संकट से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना।
· महिला हेल्पलाइन (181): 24×7 टोल-फ्री सेवा, जो आपात स्थिति में महिलाओं की मदद के लिए तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान करती है और इसे आपातकालीन सेवा 112 से भी जोड़ा गया है।
· बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP): लिंगानुपात में सुधार और बालिकाओं के अधिकारों एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की राष्ट्रीय मुहिम।
· नारी अदालत: एक पायलट परियोजना, जिसमें महिलाओं को वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यम से न्याय दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में मदद की जाती है।

समर्थ्य’ के तहत प्रमुख योजनाएं:

· प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पहले जीवित बच्चे और दूसरी बेटी के जन्म पर सीधे उनके बैंक खाते में (DBT) वित्तीय सहायता प्रदान करना।
· शक्ति सदन: तस्करी का शिकार हुई या मुसीबत में फंसी महिलाओं के लिए आश्रय और पुनर्वास की सुविधा।
· सखी निवास: कामकाजी महिलाओं के लिए शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना।
· पालना: कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए क्रेच (शिशु सदन) की सुविधा, ताकि महिलाएं बिना किसी चिंता के कार्यबल में भाग ले सकें।
· राष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण हब (NHEW): विभिन्न स्तरों पर महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के बीच समन्वय स्थापित करना।

(3) मिशन वात्सल्य: बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा

यह मिशन कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और कल्याण सुनिश्चित करता है। इसके अंतर्गत एकीकृत बाल संरक्षण योजना (ICPS) को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। इसका लक्ष्य है:

· देखभाल की जरूरत वाले बच्चों तक संरक्षण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना।
· विभिन्न पृष्ठभूमि के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष समाधान विकसित करना।
· बाल कल्याण से जुड़े नवाचारों को प्रोत्साहन देना।
· विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना।

योजनाओं की प्रासंगिकता और निगरानी

हाल ही में नीति आयोग द्वारा कराए गए एक तीसरे पक्ष के मूल्यांकन (वित्तीय वर्ष 2019-2024) में यह पाया गया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ये सभी योजनाएं अत्यधिक प्रासंगिक हैं और लाभार्थियों तक सार्थक पहुंच बना रही हैं। मंत्रालय द्वारा इन योजनाओं के क्रियान्वयन और धन के उपयोग की नियमित समीक्षा की जाती है। इसके लिए उच्च स्तरीय बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फील्ड विजिट का सहारा लिया जाता है, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

इन तीन मिशनों के जरिए सरकार न सिर्फ महिलाओं और बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि उन्हें देश के विकास में बराबर का भागीदार बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

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Author: ainewsworld

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