भारत में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में फ्रांस, ब्राजील समेत 20 देशों के नेता होंगे शामिल। सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन समेत दिग्गज सीईओ करेंगे शिरकत। पढ़िए पूरी खबर।
यह पांच दिवसीय महासम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर के नेताओं की उपस्थिति इसे अब तक के सबसे प्रभावशाली AI सम्मेलनों में से एक बनाएगी ।
किन देशों के नेता होंगे शामिल?
इस शिखर सम्मेलन में सात राष्ट्रपति, दो उपराष्ट्रपति और नौ प्रधानमंत्रियों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) जैसे प्रभावशाली नेता प्रमुख हैं, जो PM मोदी के विशेष आमंत्रण पर भारत आ रहे हैं ।
राष्ट्रपति स्तर के नेताओं में शामिल हैं:
· फ्रांस: इमैनुएल मैक्रों
· ब्राजील: लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा
· स्विट्जरलैंड: गाय पार्मेलिन
· एस्टोनिया: अलार करिस
· स्लोवाकिया: पीटर पेलेग्रिनी
· श्रीलंका: अनुरा कुमार दिसानायके
· सर्बिया: अलेक्जेंडर वुसिक
प्रधानमंत्री स्तर के नेताओं में शामिल हैं:
· स्पेन: पेड्रो सांचेज़
· नीदरलैंड्स: डिक शूफ़
· मॉरीशस: डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम
· भूटान: शेरिंग तोबगे
· क्रोएशिया: आंद्रेज प्लेंकोविक
· फिनलैंड: पेटेरी ओरपो
· ग्रीस: किरियाकोस मित्सोटाकिस
· कजाकिस्तान: ओल्जास बेकटेनोव
इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, गुयाना के उपराष्ट्रपति भरत जगदेव और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले भी इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे .
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बोलिविया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, ग्रीस, गुयाना, कजाकिस्तान, लिकटेंस्टीन, सर्बिया और स्लोवाकिया सहित 45 से अधिक देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस विचार-विमर्श का हिस्सा होंगे .
टेक्नोलॉजी सेक्टर का महाकुंभ
यह सम्मेलन सिर्फ राजनीतिक नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे टेक्नोलॉजी जगत का महाकुंभ भी कहा जा रहा है। दुनिया की लगभग सभी प्रमुख AI कंपनियों के CEO इस आयोजन में शिरकत करेंगे। इनमें गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai), OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन (Sam Altman), Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस, Anthropic के CEO डारियो अमोदेई और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स (Bill Gates) जैसे दिग्गज शामिल हैं .
इसके अलावा, एडोब के सीईओ शॉनतनु नारायण, सर्वप्रभावी के सीईओ क्रिस्टियानो आमोन और फेडएक्स के सीईओ राज सुब्रमण्यम समेत 50 से अधिक सीईओ और फाउंडर्स के शामिल होने की उम्मीद है .
भारत का AI विजन: ‘लोकतांत्रिक AI’ की अवधारणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को AI इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करेंगे और 18 फरवरी को वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर्स के लिए एक भव्य रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। 19 फरवरी को होने वाले औपचारिक उद्घाटन सत्र में वे एक नेताओं की पूर्ण बैठक और सीईओ गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे .
इस सम्मेलन की रूपरेखा तीन सूत्रों – ‘पीपल, प्लैनेट एंड प्रोग्रेस’ (लोग, ग्रह और प्रगति) पर आधारित है, जिसे सात चक्रों (थीमैटिक वर्किंग ग्रुप) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। ये समूह मानव पूंजी, सामाजिक सशक्तिकरण, सुरक्षित AI, नवाचार और AI को लोकतांत्रिक बनाने जैसे विषयों पर काम करेंगे .
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही स्पष्ट किया था कि भारत का लक्ष्य AI को लोकतांत्रिक बनाना है, ताकि इसका लाभ वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों तक भी पहुंचे और यह तकनीक सिर्फ कुछ देशों या कंपनियों के हाथों में केंद्रित न रहे . यही कारण है कि भारत ने चीन को भी इस सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है .
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
यह शिखर सम्मेलन भारत की बढ़ती वैश्विक तकनीकी कूटनीति को दर्शाता है। ब्लेचली पार्क (यूके), सियोल और पेरिस के बाद अब नई दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन AI गवर्नेंस पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत का लक्ष्य AI के क्षेत्र में सिर्फ एक भागीदार नहीं, बल्कि एक नीति-निर्माता के रूप में उभरना है .
इस आयोजन की एक झलक पिछले साल दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में देखने को मिली थी, जहां भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से इस सम्मेलन के प्री-इवेंट का आयोजन किया था और इसे वैश्विक मंच पर प्रमोट किया था .
आयोजन का पैमाना और जनभागीदारी
यह आयोजन अपने पैमाने में भी विशाल है। सरकार ने लगभग 140 देशों को निमंत्रण भेजे हैं और 136 देशों से 15,500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। सम्मेलन सप्ताह के दौरान देशभर में लगभग 800 AI-संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। केंद्रीय पार्क, कनॉट प्लेस में 15 फरवरी से एक इनोवेशन फेस्टिवल भी शुरू हो गया है, जो आम जनता के लिए खुला है और AI के रचनात्मक उपयोगों को प्रदर्शित करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस एक्सपो और संबंधित कार्यक्रमों में 1.5 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे .
‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन’ न केवल भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तकनीक को एक सशक्त माध्यम के रूप में उपयोग कर रहा है। दुनिया की नज़रें अब दिल्ली पर टिकी हैं, जहाँ AI का भविष्य लिखा जा रहा है।
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Author: ainewsworld