दुबई में शुरू हुआ Road to AI Impact Summit 2026: भारत और UAE ने दिखाई एआई क्रांति की झलक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की साझेदारी एक नया आयाम छू रही है। ‘रोड टू एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का भव्य आयोजन कल से दुबई नॉलेज पार्क स्थित सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में शुरू हुआ। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में होने वाले मुख्य AI समिट का पूर्वाभ्यास है, जिसमें नीति निर्माताओं से लेकर दिग्गज कारोबारी और शिक्षाविद् शामिल हुए।

Nanda AI: UAE के G42 के सहयोग से बना दिग्गज मॉडल

इस समिट का सबसे चर्चित आकर्षण रहा ‘नंदा’ (Nanda) एआई मॉडल। यह 13 अरब पैरामीटर वाला शक्तिशाली एआई मॉडल है, जिसे यूएई के G42 ग्रुप के सहयोग से विकसित किया गया है। खास बात यह है कि इसे दुनिया के सबसे उन्नत एआई सुपरकंप्यूटरों में गिने जाने वाले कॉन्डोर गैलेक्सी पर प्रशिक्षित किया गया है।

यह मॉडल न केवल तकनीकी दक्षता का प्रतीक है, बल्कि एआई के जिम्मेदार और उद्देश्यपरक उपयोग को भी रेखांकित करता है।

शिखर सम्मेलन में गणमान्य लोगों की मौजूदगी

इस ऐतिहासिक आयोजन में अबू धाबी में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत सतीश सिवन ने विशेष रूप से शिरकत की। दोनों दिग्गजों ने भारत-यूएएई के डिजिटल सहयोग को भविष्य का रणनीतिक गठबंधन बताया।

सम्मेलन में मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक प्रभाव, नीतिगत पहलुओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर गहन मंथन हुआ।

IIT दिल्ली अबू धाबी का ATAL सेंटर बनेगा हब

इस दौरान आईआईटी दिल्ली के अबू धाबी परिसर में स्थापित ATAL इनक्यूबेशन सेंटर को भी प्रदर्शित किया गया। पिछले वर्ष शुरू किया गया यह केंद्र पूरे खाड़ी क्षेत्र में एआई-संचालित उद्यमिता, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है।

यह पहल न केवल भारतीय स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय दरवाजे खोल रही है, बल्कि यूएई को एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने में भी मील का पत्थर साबित हो रही है।

वैश्विक नजरिया: अमेरिका, रूस, यूक्रेन तक पहुंचेगा असर

रोड टू एआई इम्पैक्ट समिट 2026 सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकी व्यवस्था का खाका है। विशेषज्ञों के मुताबिक, Nanda AI जैसे मॉडल से अमेरिका, रूस, यूक्रेन और यूरोपीय देशों में भारत-यूएई टेक्नोलॉजी गठबंधन की स्वीकार्यता बढ़ेगी।

यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारत सिर्फ आईटी हब नहीं, बल्कि अब डीप टेक और एआई नवाचार में भी वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार है।

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Author: ainewsworld

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