अमेरिका-इजरायल रणनीतिक बैठक: ईरान पर दबाव और वेस्ट बैंक मुद्दा प्रमुखता से शामिल
वाशिंगटन। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से औपचारिक मुलाकात करेंगे। यह ट्रम्प के सत्ता में वापसी के एक वर्ष बाद दोनों नेताओं के बीच छठी शिखर वार्ता है। इस बैठक में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर कड़ी कार्रवाई के लिए अमेरिका से समर्थन हासिल करना इजरायल की प्रमुख प्राथमिकता बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर और सख्त प्रतिबंधों के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। यह मुलाकात ठीक उस समय हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में हुई गुप्त वार्ता के बाद ट्रम्प ने और बातचीत के दौर की घोषणा की है। इजरायल ईरान के साथ किसी भी समझौते का पुरजोर विरोध करता आया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पुष्टि की कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग और नियमों में ढील जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेस्ट बैंक को लेकर बढ़ते तनाव के मद्देनजर इस मुद्दे पर चर्चा होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
इजरायल द्वारा कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार और फिलिस्तीनी भूमि खरीद के नए नियमों पर यूरोप सहित कई देशों ने नाराजगी जताई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले वेस्ट बैंक के किसी भी एकतरफा विलय का विरोध किया था, लेकिन इस बैठक में इस पर क्या रुख अपनाया जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
इससे पहले, पिछले अक्टूबर में यरुशलम में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान ट्रम्प ने गाजा पट्टी में युद्धविराम की घोषणा कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। वर्तमान वैश्विक हालात, खासकर यूक्रेन-रूस युद्ध और मध्य पूर्व में बदलती गतिशीलता के बीच यह बैठक अमेरिकी विदेश नीति के लिए भी अहम साबित होगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक न केवल इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी रुख को नई दिशा दे सकती है। भारत सहित दुनिया के कई देश इस वार्ता के नतीजों पर नजर रखेंगे, क्योंकि इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
(यह खबर विभिन्न समाचार स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।)
Author: ainewsworld