ई-कॉमर्स में उपभोक्ताओं को 37 करोड़ रुपये वापस: सरकार का बड़ा एक्शन

ई-कॉमर्स में उपभोक्ताओं को 37 करोड़ रुपये वापस: सरकार का बड़ा एक्शन

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने ई-कॉमर्स शिकायतों पर 37 करोड़ रुपये वापस दिलवाए - प्रतीकात्मक तस्वीर
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने ई-कॉमर्स शिकायतों पर 37 करोड़ रुपये वापस दिलवाए

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने अप्रैल से जनवरी के बीच 37 करोड़ रुपये ई-कॉमर्स कंपनियों से वापस दिलवाए। जानिए किन कंपनियों ने ली सुरक्षा प्रतिज्ञा।

ई-कॉमर्स शिकायतों पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: 37 करोड़ रुपये वापस, सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी

नई दिल्ली: अगर आपने भी किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट से सामान मंगवाया था और वह सही नहीं मिला या पैसा नहीं लौटा, तो अब शिकायत करने का सीधा और असरदार रास्ता है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) ने पिछले 10 महीनों में ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों पर उपभोक्ताओं को लगभग 37 करोड़ रुपये की राशि वापस दिलवाई है।

यह जानकारी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि यह राशि अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 के बीच वापस करवाई गई।

बढ़ती ई-कॉमर्स शिकायतों पर सरकार सख्त

मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता मामलों का विभाग लगातार प्रगतिशील कानून बनाकर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा कर रहा है। खासकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर होने वाली अनुचित व्यापार प्रथाओं पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 अधिसूचित किए हैं।

इन नियमों के तहत अब ई-कॉमर्स कंपनियों को पारदर्शिता बरतनी अनिवार्य है। देरी से रिफंड, ख़राब क्वालिटी का सामान, या फर्जी डिलीवरी जैसी शिकायतों पर अब तेजी से कार्रवाई हो रही है।

इन बड़ी कंपनियों ने ली ‘सुरक्षा प्रतिज्ञा’

बी.एल. वर्मा ने यह भी बताया कि टाटा डिजिटल, बिगबास्केट, स्विगी, ओला, ज़ोमैटो, अजियो, जियोमार्ट और मीशो सहित कई प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों ने उपभोक्ता सुरक्षा प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रतिज्ञा के तहत कंपनियों ने सुनिश्चित किया है कि:

· उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निवारण किया जाएगा।
· रिफंड और कैंसलेशन नीतियों को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
· फर्जी रिव्यू और भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाई जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बनी चर्चा का विषय

यह मामला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, यूक्रेन, रूस और अन्य देशों में भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ शिकायतों के बढ़ते मामलों के बीच भारत सरकार का यह सख्त रवैया एक मिसाल बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का उपभोक्ता संरक्षण मॉडल अब वैश्विक स्तर पर भी अपनाया जा सकता है।

उपभोक्ताओं के लिए खास सलाह

अगर आपको भी किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट से खरीदारी में धोखाधड़ी या रिफंड में देरी का सामना करना पड़ता है, तो आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

📞 टोल फ्री नंबर: 1800-11-4000
🌐 वेबसाइट: consumerhelpline.gov.in

निष्कर्ष: सरकार की सख्त नीतियों और उपभोक्ता हेल्पलाइन की सक्रियता से अब ई-कॉमर्स कंपनियां मनमानी नहीं कर सकतीं। 37 करोड़ रुपये का रिफंड इस बात का सबूत है कि जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त उपभोक्ता है।

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Author: ainewsworld

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