अमेरिका: एल पासो हवाई अड्डे पर उड़ानों पर रोक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
वाशिंगटन: अमेरिका के टेक्सास प्रांत में स्थित एल पासो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली सभी उड़ानों को सुरक्षा कारणों से तत्काल प्रभाव रोक दिया गया है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतिबंध अप्रत्याशित सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर लगाया गया है, हालांकि इसके पीछे के विशिष्ट कारणों का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
क्यों है यह हवाई अड्डा अहम?
एल पासो हवाई अड्डा भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह अमेरिकी सेना के बिग्स आर्मी एयरफील्ड के नजदीक स्थित है, जो सैन्य अभियानों का केंद्र है। साथ ही, यह मेक्सिको के स्यूदाद जुआरेज़ शहर की सीमा पर बसा है, जो अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर प्रवेश का प्रमुख बिंदु है।
प्रतिबंध का दायरा और अवधि
FAA के अनुसार, यह प्रतिबंध हवाई अड्डे से आने-जाने वाली सभी व्यावसायिक और निजी उड़ानों पर लागू है। साथ ही, न्यू मैक्सिको के सांता टेरेसा क्षेत्र के ऊपर भी उड़ानों पर रोक लगाई गई है।
· प्रतिबंधित क्षेत्र: 10 समुद्री मील का दायरा
· प्रभावी अवधि: तत्काल प्रभाव से 21 फरवरी 2025 तक
हवाई अड्डा प्रशासन ने उड़ानें रद्द होने की पुष्टि करते हुए बताया कि वे FAA से अतिरिक्त दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति एयरलाइन से सीधे संपर्क करके जानें।
क्या है वजह? अनुमान और अधिकारियों का रुख
हालांकि FAA और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस प्रतिबंध के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे क्षेत्र में बढ़ती सीमा सुरक्षा चिंताओं या किसी संभावित खतरे से जोड़कर देख रहे हैं। बीते कुछ महीनों में अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर ड्रोन गतिविधियों और मानव तस्करी की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
यात्रियों पर क्या असर?
एल पासो हवाई अड्डा डलास, फीनिक्स, लास वेगास और शिकागो जैसे शहरों के लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र है। उड़ानों के अचानक रद्द होने से सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए हैं। हवाई अड्डे पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है और कई लोग वैकल्पिक इंतजाम करने में जुटे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निगाहें टिकी हैं। अमेरिका में होने वाली इस तरह की सुरक्षा कार्रवाई को वैश्विक हवाई सुरक्षा मानकों से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि FAA का यह कदम किसी बड़े खतरे को भांपते हुए एहतियातन उठाया गया है।
Author: ainewsworld