खेल कोचिंग में क्रांति: अब कोच बनने के लिए अनिवार्य होंगे लाइसेंस और राष्ट्रीय मानक, जानिए नई नीति
भारत में खेल और प्रशिक्षण के क्षेत्र को एक नई दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक रिपोर्ट सामने आई है। कोचिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए गठित कार्यबल ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें देश भर में कोचिंग को पूरी तरह पेशेवर, मानकीकृत और नियमित बनाने की रूपरेखा पेश की गई है। यह सुधार केवल तेलंगाना या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत के कोचिंग परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।
राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (NCAB) की स्थापना: सर्वोच्च नियामक
रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश एक राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (National Coach Accreditation Board – NCAB) के गठन की है। यह बोर्ड देश में कोच शिक्षा और प्रमाणन के लिए राष्ट्रीय मानक तय करेगा। इसका काम कोचिंग संस्थानों को मान्यता देना, एकीकृत पाठ्यक्रम बनाना और सबसे महत्वपूर्ण, कोचों के लाइसेंसिंग व नवीनीकरण की प्रक्रिया की निगरानी करना होगा।
अनिवार्य लाइसेंसिंग और सतत प्रशिक्षण (CPD)
नई व्यवस्था के तहत देश में कोच बनने के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा। इस लाइसेंस को बनाए रखने के लिए कोचों को सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development – CPD) के कार्यक्रमों में नियमित भाग लेना होगा। यह कदम कोचों के कौशल को अप-टू-डेट रखने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने के लिए है।
राष्ट्रीय कोचिंग मार्ग और पाठ्यक्रम का मानकीकरण
कार्यबल ने जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय टीम के कोच तक के लिए एक स्पष्ट, स्तरीय करियर मार्ग बनाने की सिफारिश की है। इसमें:
· समरूप पाठ्यक्रम: पूरे देश में कोचिंग पाठ्यक्रम का मानकीकरण किया जाएगा।
· एनईपी 2020 और एनएसक्यूएफ से एकीकरण: कोचिंग योग्यताओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे इनकी मान्यता बढ़ेगी।
· पूर्व अनुभव मान्यता (RPL): पूर्व एथलीटों को कोचिंग में आसानी से प्रवेश मिल सकेगा।
प्रोत्साहन और नैतिकता पर जोर
नई प्रणाली में प्रदर्शन-आधारित मूल्यांकन और कोचों के लिए पांच-सितारा रेटिंग प्रणाली का प्रस्ताव है, जो बेहतर करियर अवसर और प्रोत्साहन से जुड़ी होगी। साथ ही, कोचिंग में नैतिकता, सुरक्षा और समावेशिता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यान्वयन: चरणबद्ध तरीका
इन सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में NCAB का गठन और एकीकृत पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद लाइसेंसिंग प्रक्रिया और स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
Author: ainewsworld