भारत यूरोप के लिए ‘अनिवार्य साझेदार’ बना: यूनानी रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास | भारत-यूरोप रणनीतिक संबंध

भारत अब यूरोप के लिए एक ‘अनिवार्य साझेदार’, यूनानी रक्षा मंत्री ने कहा

यूनानी रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास ने भारत-यूरोपीय संघ मंच में भारत को यूरोप के लिए ‘अनिवार्य साझेदार’ बताया। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर नई दिल्ली में दो दिवसीय वार्ता संपन्न हुई।

मुख्य बिंदु:

· यूनानी रक्षा मंत्री ने भारत के बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित किया
· भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते का समर्थन किया
· नई दिल्ली में दो दिवसीय उच्च-स्तरीय वार्ता संपन्न

नई दिल्ली: यूनान के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास ने कहा है कि भारत यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य साझेदार बन गया है। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में आए इस ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि यूरोप में भारत के प्रति धारणाएं पूरी तरह बदल गई हैं।

डेंडियास ने भारत-यूरोपीय संघ मंच के दौरान कहा, “समय के साथ यूरोप में भारत के प्रति धारणाओं में काफी बदलाव आया है। आज भारत यूरोपीय संघ और विशेष रूप से यूनान के लिए एक अनिवार्य सहयोगी है।”

बदलते भू-राजनीतिक समीकरण में भारत की बढ़ती भूमिका

यूरोपीय नेता के इस बयान को वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत के उभरते महत्व के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष और चीन-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने स्वयं को एक विश्वसनीय और स्थिर साझेदार के रूप में स्थापित किया है।

डेंडियास ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों पक्षों को भारी आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे और यह रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

दो दिवसीय उच्च-स्तरीय वार्ता संपन्न

इस बीच, भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और भू-राजनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित दो दिवसीय व्यापक चर्चा नई दिल्ली में संपन्न हो गई। इस वार्ता में दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाई।

विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय नेताओं का यह बयान भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है। भारत न केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, बल्कि अब वह वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक वास्तुकला में भी एक प्रमुख हितधारक के रूप में उभर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय देशों के लिए भारत के साथ मजबूत संबंध न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद हैं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए भी आवश्यक हैं।

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Author: ainewsworld

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