रूस के बड़े हवाई हमले से यूक्रेन की बिजली व्यवस्था चरमराई, अमेरिका ने जून तक युद्ध समाप्त करने की दी समयसीमा
ज़ेलेंस्की ने कहा, “अमेरिका कहता है कि वे जून तक सब कुछ करना चाहते हैं। हम समझते हैं कि अमेरिका के घरेलू मुद्दों का इस पर प्रभाव पड़ेगा।” उन्होंने यह टिप्पणी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के संदर्भ में की, जो अमेरिकी सरकार में सत्ता के संतुलन को बदल सकते हैं।
यूक्रेन पर रूस के नवीनतम बड़े पैमाने के हवाई हमले ने देश की ऊर्जा प्रणाली को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे सर्दियों के बीच में हजारों लोग बिजली और तापन सुविधाओं के बिना रह गए हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका की मध्यस्थता में युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही शांति वार्ता को गति मिल रही है और अमेरिका ने दोनों पक्षों के सामने जून तक समझौता करने की अनौपचारिक समयसीमा रखी है।
हमले का विस्तृत विवरण और प्रभावित क्षेत्र
रूसी सेना ने शनिवार की रात यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर एक साथ 400 से अधिक ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागीं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के अनुसार, इस हमले का मुख्य निशाना देश भर में फैला पावर ग्रिड, बिजली उत्पादन संयंत्र और वितरण उपकेंद्र थे।
· पश्चिमी यूक्रेन के दो प्रमुख संयंत्र: प्रधानमंत्री डेनिस शिमहल ने बताया कि पश्चिमी यूक्रेन में स्थित दोबरोटविर और बुरश्टिन बिजली उत्पादन केंद्रों पर हमला हुआ है। इन संयंत्रों को संचालित करने वाली कंपनी डीटीईके के अनुसार, पिछले अक्टूबर से यह इस तरह का दसवां बड़ा हमला है और पूर्ण पैमाने के आक्रमण की शुरुआत के बाद से इसके ऊर्जा संयंत्रों पर 220 से अधिक बार हमला हो चुका है।
· राष्ट्रव्यापी ग्रिड क्षति: यूक्रेन की राज्य ऊर्जा कंपनी उक्रेनर्गो ने कहा कि आठ अलग-अलग क्षेत्रों में आठ सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। उच्च-वोल्टेज की प्रमुख उपकेंद्रों पर मिसाइल हमलों के कारण, यूक्रेन के नियंत्रण वाले सभी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को अपना उत्पादन कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
· पोलैंड से आपातकालीन सहायता: क्षति की भयावहता को देखते हुए, यूक्रेन ने पोलैंड से आपातकालीन बिजली आपूर्ति का अनुरोध किया है ताकि देश में बिजली की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सके।
नागरिक जनजीवन पर पड़ रहा भयंकर प्रभाव
हमले का सबसे गंभीर असर सामान्य नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है, खासकर तब जब देश में तापमान शून्य से 14 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
· राष्ट्रव्यापी आपातकालीन बिजली कटौती: अधिकारियों ने पूरे देश में आपातकालीन बिजली कटौती लागू कर दी है। उक्रेनर्गो ने कहा कि हमलों के परिणामस्वरूप देश में बिजली की कमी काफी बढ़ गई है और सभी क्षेत्रों में होने वाली प्रति घंटा बिजली कटौती को बढ़ाना पड़ा है।
· राजधानी कीव की दयनीय स्थिति: राजधानी कीव में, रूसी बमबारी के कारण 1,200 से अधिक आवासीय भवनों में लगातार कई दिनों से हीटिंग की सुविधा नहीं है। 81 वर्षीय पेंशनभोगी मायकोला ट्रोम्ज़ा ने बताया कि उनके घर में एक सप्ताह तक हीटिंग और पानी नहीं था और गर्म रहने के लिए उन्हें ऊपर-नीचे दौड़ना पड़ता था।
· जान-माल की क्षति: केंद्रीय द्निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में हुए एक अलग हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। दक्षिणी ज़ापोरिज़्हिया क्षेत्र में एक हवाई हमले में आठ लोग घायल हुए और 18 अपार्टमेंट ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गए।
यूक्रेन की प्रतिक्रिया और वायु रक्षा की चुनौती
हमलों के जवाब में, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को देश के कुछ हिस्सों में वायु सेना के प्रदर्शन को “असंतोषजनक” बताया। उन्होंने कहा कि रूसी ड्रोन के बड़े हमलों का जवाब देने की क्षमता सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात और सुबह के समय यूक्रेन पर 328 ड्रोन और सात मिसाइलें दागीं, जिनमें से 297 ड्रोन को हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा मार गिराया गया। इसके अलावा, यूक्रेन ने भी रूस पर जवाबी हमले किए। यूक्रेनी सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने पश्चिमी टवेर क्षेत्र में मिसाइल ईंधन घटक बनाने वाले एक कारखाने पर हमला किया।
शांति वार्ता: जून की समयसीमा और मियामी में अगली बैठक
हमले के बीच ही, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन और रूस को जून तक युद्ध समाप्त करने के समझौते पर पहुंचने की समयसीमा दी है।
· त्रिपक्षीय वार्ता का प्रस्ताव: ज़ेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका ने अगली त्रिपक्षीय वार्ता अगले सप्ताह पहली बार अमेरिका में आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है, जो मियामी में हो सकती है। उन्होंने कहा, “हमने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है”।
· वार्ता में अड़चनें: यह समयसीमा अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में हुई त्रिपक्षीय बातचीत के बाद आई है, जिसमें कोई सफलता नहीं मिली क्योंकि युद्धरत पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया कि “मुश्किल मुद्दे मुश्किल ही रहे,” जिसमें वह क्षेत्रीय रियायतें भी शामिल हैं जो देने के लिए यूक्रेन पर दबाव है।
· अमेरिकी घरेलू राजनीति का प्रभाव: ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया कि यह समयसीमा अमेरिका के घरेलू राजनीतिक कारणों से प्रेरित है, विशेष रूप से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों की ओर इशारा करते हुए जो अमेरिकी सरकार में सत्ता के संतुलन को बदल सकते हैं।
· रूस का आर्थिक प्रस्ताव: ज़ेलेंस्की ने यह भी खुलासा किया कि रूस ने अमेरिका के सामने 12 ट्रिलियन डॉलर के आर्थिक प्रस्ताव पेश किए हैं, जिसे उन्होंने रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव के नाम पर “दिमित्रिएव पैकेज” कहा।
युद्ध के बदलते स्वरूप और भविष्य के संकेत
यूक्रेन के सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की ने कहा है कि मोर्चे की रेखा की लंबाई अब लगभग 1,200 किलोमीटर है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों में ड्रोन तकनीक में सुधार के कारण, वह “किल ज़ोन” जहां सैनिकों को सबसे अधिक खतरा होता है, अब 20 किलोमीटर तक गहरा हो गया है।
इस बीच, अमेरिका ने ऊर्जा ढांचे पर हमले पर रोक लगाने वाली युद्धविराम की फिर से पेशकश की है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ऐसे विराम का पालन करने के लिए तैयार है अगर रूस भी प्रतिबद्धता ले, लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब मास्को ने पहले अमेरिका द्वारा सुझाए गए एक सप्ताह के विराम पर सहमति जताई थी, तो वह केवल चार दिनों के बाद ही टूट गया था।
यूक्रेन पर रूस के नवीनतम हवाई हमले ने न केवल देश की ऊर्जा प्रणाली को झकझोर दिया है, बल्कि शांति वार्ता की नाजुक प्रक्रिया के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। जून की समय सीमा दबाव बनाती है, लेकिन मोर्चे पर हिंसा और नागरिक ढांचे पर हमले जारी रहने से किसी भी सार्थक बातचीत का रास्ता रुक जाता है। अगले सप्ताह प्रस्तावित मियामी वार्ता अब एक ऐसी परीक्षा बन गई है जो न केवल युद्धरत पक्षों, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की क्षमता की भी परीक्षा लेगी।
Author: ainewsworld