राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2025: बड़ा बदलाव! पहली बार कॉपी पर लगेगा बार कोड, 4-4 पेज कम, मिलेगी 8 पेज की सप्लीमेंट्री

राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2025: बड़ा बदलाव! पहली बार कॉपी पर लगेगा बार कोड, 4-4 पेज कम, मिलेगी 8 पेज की सप्लीमेंट्री

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने इस साल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कई अहम बदलाव किए हैं। परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) पर बार कोड लगाए जाएंगे। साथ ही, छात्र-छात्राओं को मिलने वाली मुख्य उत्तर पुस्तिका के पन्नों की संख्या भी कम की गई है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्री कॉपी (अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका) देने की नई व्यवस्था शुरू की गई है।

क्या है नया नियम?

राजस्थान बोर्ड की 12 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाओं का फॉर्मेट बदला गया है:

· 10वीं कक्षा की परीक्षा में अब छात्रों को 20 पेज की मुख्य उत्तर पुस्तिका मिलेगी, जबकि पहले 24 पेज होते थे। यानी 4 पेज कम।
· 12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को 28 पेज की मुख्य उत्तर पुस्तिका मिलेगी, पहले 32 पेज होते थे। यहां भी 4 पेज की कमी।
· अगर किसी छात्र को लगता है कि मुख्य उत्तर पुस्तिका के पन्ने कम पड़ रहे हैं, तो उसे 8 पेज की एक सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिका दी जाएगी। यह सुविधा पहली बार दी जा रही है।

पहले क्या था व्यवस्था?

इससे पहले तक बोर्ड परीक्षा में सप्लीमेंट्री कॉपी का कोई प्रावधान नहीं था। अगर किसी की मुख्य कॉपी पूरी भर जाती थी, तो लंबी प्रक्रिया और केंद्राधीक्षक की विशेष अनुमति के बाद ही दूसरी मूल उत्तर पुस्तिका दी जाती थी। अब इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। परीक्षा हॉल में मौजूद वीक्षक (Invigilator) ही जरूरत पड़ने पर तुरंत सप्लीमेंट्री कॉपी जारी कर सकेंगे।

बार कोड से बढेगी सुरक्षा

इस बार की सबसे बड़ी खास बात है उत्तर पुस्तिकाओं पर बार कोड की शुरुआत। इससे दो मुख्य फायदे होंगे:

1. छेड़छाड़ पर रोक: बार कोड से उत्तर पुस्तिका की सुरक्षा बढ़ेगी और उसमें किसी भी तरह की अनाधिकृत छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
2. निर्धारण (Evaluation) में पारदर्शिता: जांच के दौरान बार कोड की मदद से छात्र की पहचान गुप्त रहेगी, जिससे निर्धारण प्रक्रिया और ज्यादा निष्पक्ष होगी।

हालांकि, कुछ केंद्रों पर अगर पुरानी बिना बार कोड वाली कॉपियां बची हैं, तो पहले उनका ही इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन 10वीं की गणित की परीक्षा में बार कोड वाली उत्तर पुस्तिका देना अनिवार्य रहेगा।

अधिकारियों का क्या कहना है?

राजस्थान बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक, “राजस्थान बोर्ड परीक्षा में सुरक्षा व पारदर्शिता के लिए पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं पर बार कोड और सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था शुरू की गई है। सप्लीमेंट्री पुस्तिका की आवश्यकता होने पर वीक्षक अपने स्तर पर ही परीक्षार्थियों को जारी कर सकेंगे।”

उन्होंने बताया कि अक्सर छात्र पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बाद भी कई पेज खाली छोड़ देते थे। ऐसे में कागज की बर्बादी रोकने और आवश्यकता के अनुसार संसाधन देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

परीक्षार्थियों के लिए सलाह

· प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें और उत्तर लिखने से पहले उचित योजना बनाएं।
· उत्तर सटीक और संक्षिप्त रखने का प्रयास करें ताकि जगह की कमी न हो।
· अगर मुख्य उत्तर पुस्तिका के पन्ने कम पड़ें, तो घबराएं नहीं। वीक्षक से सप्लीमेंट्री कॉपी मांगें।
· उत्तर पुस्तिका पर बार कोड लगा होगा, उसे किसी भी स्थिति में नुकसान न पहुंचाएं।

राजस्थान बोर्ड का यह कदम परीक्षा प्रणाली को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह बदलाव न सिर्फ नकल रोकथाम और सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि छात्रों को आवश्यकता के समय अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका की सुविधा भी देगा।

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Author: ainewsworld

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