भारत ने शुरू की 24×7 बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन, 12 भाषाओं में मिलेगी सहायता

सुरक्षित यात्रा के लिए बड़ा कदम: केंद्र सरकार ने देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए टोल-फ्री नंबर 1800111363 जारी किया, 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने घरेलू और विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा एवं सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। पर्यटन मंत्रालय ने एक 24×7 बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन शुरू की है, जिसका टोल-फ्री नंबर 1800111363 या शॉर्ट कोड 1363 है। यह सेवा 12 भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य भारत में यात्रा के दौरान पर्यटकों को तत्काल जानकारी और संकट में मार्गदर्शन प्रदान करना है।
हेल्पलाइन का उद्देश्य और विशेषताएं
यह हेल्पलाइन पर्यटकों के लिए एक व्यापक सहायता प्रणाली के रूप में काम करेगी। इसके माध्यम से यात्रा संबंधी जानकारी, आपात स्थिति में हस्तक्षेप और उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा। सेवा की बहुभाषी क्षमता इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बनाती है।
राज्यों में पर्यटन पुलिस का विस्तार
पर्यटक सुरक्षा मूलतः राज्य का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में प्रयास कर रही है। मंत्रालय के प्रयासों से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने विशेष पर्यटन पुलिस तैनात की है। यह पुलिस बल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।
महिला पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मंत्रालय ने ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल’ योजना को बढ़ावा देने का अनुरोध भी राज्यों से किया है। इसके लिए निर्भया निधि का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, ‘सुरक्षित और सम्मानजनक पर्यटन के लिए आचार संहिता’ को सभी हितधारकों के साथ अपनाया गया है, जिसका लक्ष्य महिलाओं और बच्चों सहित सभी पर्यटकों के सम्मान और सुरक्षा की गारंटी करना है।
ई-वीजा सुविधा का विस्तार
भारत ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ई-वीजा योजना का दायरा भी बढ़ाया है। वर्तमान में 175 देशों के नागरिक 14 उप-श्रेणियों (जैसे ई-पर्यटक, ई-व्यापार, ई-चिकित्सा, ई-फिल्म वीजा आदि) के तहत ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। ई-वीजा 38 हवाई अड्डों, 16 बंदरगाहों और 2 भूमि बंदरगाहों के माध्यम से प्रवेश के लिए मान्य है।
पारदर्शिता और कनेक्टिविटी के प्रयास
· सेवा प्रदाताओं के वर्गीकरण और मान्यता की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। आवेदन nidhi.tourism.gov.in पोर्टल पर जमा किए जा सकते हैं।
· पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए, मंत्रालय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटि योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत 53 पर्यटन मार्गों को चिन्हित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए संदेश
यह नई हेल्पलाइन और सुरक्षा उपाय अमेरिका, यूके, चीन, जापान, रूस सहित दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। भारत न केवल अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता के लिए, बल्कि अब पर्यटकों की सुरक्षा के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता के लिए भी एक आदर्श गंतव्य बन रहा है।
निष्कर्ष: पर्यटन मंत्रालय की यह पहल ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय भावना को आधुनिक रूप देती है। 24×7 हेल्पलाइन, पर्यटन पुलिस, ई-वीजा का विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी जैसे कदम भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सुरक्षित, सुगम और आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे।
Author: ainewsworld