अयोध्या राम मंदिर निर्माण कार्य अंतिम चरण में, 30 अप्रैल तक पूरा होने का लक्ष्य

अयोध्या में निर्माणाधीन भव्य श्रीराम मंदिर से जुड़ा कार्य तेजी से अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर से संबंधित सभी प्रमुख निर्माण कार्यों को 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अयोध्या में आयोजित निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है।
तीन वर्षों तक रखरखाव के लिए तैनात रहेगी तकनीकी टीम
मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए निर्माण एजेंसियों की एक विशेष टीम को अगले तीन वर्षों तक मंदिर परिसर में तैनात रखा जाएगा। इससे मंदिर परिसर की गुणवत्ता और सुविधाओं का निरंतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा।
राम मंदिर निर्माण पर अब तक खर्च हुए लगभग 1900 करोड़ रुपये
निर्माण समिति के अनुसार, श्रीराम मंदिर निर्माण पर अब तक लगभग 1900 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 1600 करोड़ रुपये का भुगतान जीएसटी सहित किया जा चुका है। मंदिर निर्माण में देश और विदेश से श्रद्धालुओं का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जुलाई-अगस्त तक पूरी होगी आधुनिक प्रकाश व्यवस्था
मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी तेजी से काम चल रहा है। समिति अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर के मुख्य भाग की प्रकाश व्यवस्था को जुलाई-अगस्त तक पूरा करने की योजना है, जिससे मंदिर परिसर रात में भी आकर्षक दिखाई देगा।
मार्च से सप्त मंदिर में दर्शन की मिल सकती है अनुमति
श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी यह है कि मंदिर परिसर में स्थित सप्त मंदिर में मार्च महीने से दर्शन की अनुमति दी जा सकती है। इससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव और अधिक विस्तृत रूप में प्राप्त होगा।
वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र बनता अयोध्या
श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं और भव्य मंदिर निर्माण से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होने की संभावना है।
निष्कर्ष
श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निर्माण पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक सुविधाएं और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे अयोध्या की पहचान वैश्विक धार्मिक स्थल के रूप में और मजबूत होगी।
Author: ainewsworld