एपस्टीन मामले में भूचाल: न्याय विभाग ने जारी किए 30 लाख गोपनीय दस्तावेज, ट्रम्प-क्लिंटन समेत कई बड़े नाम सामने

अमेरिकी न्याय विभाग ने दिवंगत और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित एक बड़ी खेप में 30 लाख से अधिक गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक कर दिया है। 30 जनवरी, 2026 को जारी इन फाइलों में 2000 से अधिक वीडियो और लगभग 1,80,000 तस्वीरें भी शामिल हैं। यह विशाल खुलासा कांग्रेस द्वारा पारित ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी ऐक्ट’ के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य इस विवादास्पद मामले में पारदर्शिता लाना था।

इन दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, टेस्ला के प्रमुख एलोन मस्क, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और व्हाइट हाउस के पूर्व वकील जैसी कई प्रभावशाली हस्तियों के नामों का उल्लेख मिला है। हालांकि, इन दस्तावेजों में नाम आना किसी अपराधिक कार्यवाही या दोष का प्रमाण नहीं है।

प्रमुख खुलासे और आरोप

जारी किए गए दस्तावेजों से जुड़े कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:

· ट्रम्प के खिलाफ आरोपों की सूची: दस्तावेजों में एफबीआई द्वारा संकलित आरोपों की एक सूची शामिल है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ यौन शोषण के असत्यापित दावे हैं। इनमें से कई दावे 1990 के दशक और उनके राष्ट्रपति पद के चुनाव के समय के हैं। न्याय विभाग ने कहा है कि कानून के तहत उन्हें इन दावों सहित सभी दस्तावेज जारी करने थे, भले ही वे झूठे या गलत साबित हों। व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को “निराधार और झूठा” बताया है।
· कभी दाखिल नहीं हुआ वह आरोपपत्र: एक ड्राफ्ट इंडिक्टमेंट (आरोपपत्र) से पता चलता है कि 2000 के दशक में अभियोजक एपस्टीन के साथ तीन अन्य सह-साजिशकर्ताओं पर भी मामला दर्ज करना चाहते थे। इस आरोपपत्र में 2001 से 2005 तक नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के कम से कम 30 आपराधिक मामलों का जिक्र था। हालांकि, 2007 में एपस्टीन ने संघीय आरोपों से बचने के लिए फ्लोरिडा की एक अदालत में वेश्यावृत्ति के दो मामलों में दोष स्वीकार कर लिया था।
· शक्तिशाली लोगों से ईमेल वार्तालाप: दस्तावेजों में एपस्टीन और पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी सचिव लैरी समर्स के बीच ईमेल भी शामिल हैं, जिनमें वे राष्ट्रपति ट्रम्प के बारे में गपशप करते नजर आते हैं। एक ईमेल में एपस्टीन ने ट्रम्प को “कितना मूर्ख” बताया है। इसके अलावा, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के साथ 2012 में एपस्टीन के निजी द्वीप पर लंच की प्लानिंग के ईमेल भी सामने आए हैं, जबकि लटनिक ने पहले दावा किया था कि उन्होंने 2005 के बाद एपस्टीन से सभी संपर्क तोड़ लिए थे।
· पीड़ितों के साथ एक और विवाद: दस्तावेजों के इस तरह से जारी किए जाने पर एपस्टीन मामले की पीड़िताओं ने गहरी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि इस रिलीज में पीड़िताओं के नाम और पहचान संबंधी जानकारी को पर्याप्त रूप से छिपाया नहीं गया, जबकि अपराध में शामिल लोगों की पहचान गोपनीय रखी गई। पीड़िताओं के एक समूह ने इसे “धोखा” बताते हुए कहा कि इससे उन्हें फिर से सदमा पहुंचा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की राह

इस रिलीज को लेकर अमेरिकी राजनीति में भी बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस के कुछ सदस्यों का मानना है कि न्याय विभाग ने कानून के तहत आवश्यक सभी दस्तावेज जारी नहीं किए हैं।

· डेमोक्रेटिक सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने आरोप लगाया है कि न्याय विभाग ने लगभग 50% दस्तावेजों को रोक कर रखा है, जो कानून का उल्लंघन है।
· ऐक्ट के प्रमुख प्रस्तावक, डेमोक्रेट रो खन्ना और रिपब्लिकन थॉमस मैसी ने न्याय विभाग से मांग की है कि उन्हें बिना काट-छांट वाले दस्तावेज दिखाए जाएं ताकि कांग्रेस पूरी तरह से इस मामले की जांच कर सके।

न्याय विभाग का कहना है कि उन्होंने कानून के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी कर ली हैं और शेष दस्तावेज या तो पीड़ितों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए, या फिर कानूनी कारणों से रोक दिए गए हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि इस प्रक्रिया पर व्हाइट हाउस का कोई नियंत्रण नहीं था।

एपस्टीन मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। ये दस्तावेज हालांकि कई सवालों के जवाब देते नजर आते हैं, लेकिन साथ ही ये राजनीतिक और न्यायिक प्रणाली पर नए सवाल भी खड़े करते हैं। दुनिया भर की नजरें अब इन दस्तावेजों के विश्लेषण और उनसे निकलने वाले नए तथ्यों पर टिकी हैं.

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Author: ainewsworld

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