ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 16 लोगों की मौत, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकीं

ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ लगभग एक सप्ताह से जारी जनविरोध के दौरान अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत की सूचना है। यह विरोध प्रदर्शन पिछले तीन वर्षों में देश के सामने आई सबसे गंभीर आंतरिक चुनौती के रूप में उभरा है।

यह विरोध 28 दिसंबर को शुरू हुआ था और तेजी से फैलकर व्यापक राजनीतिक आकांक्षाओं में बदल गया है। प्रदर्शनकारी न केवल आर्थिक हालात से नाराज हैं, बल्कि अब सत्ता में बदलाव की मांग भी कर रहे हैं।

अमेरिका ने दी चेतावनी, ईरान ने कहा – ‘आंतरिक मामला’

इस घटनाक्रम पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करते हैं, तो अमेरिका उनकी सहायता के लिए आगे आ सकता है।

ईरान के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसी भी विदेशी हस्तक्षेप से पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति बिगड़ सकती है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरानी लोग अपने मुद्दे आंतरिक रूप से सुलझाने में सक्षम हैं।

क्यों भड़के प्रदर्शन?

ईरान में बेरोजगारी दर लगभग 12% है, जबकि युवाओं में यह दर इससे कहीं अधिक है। अंडे और पोल्ट्री उत्पादों की कीमतों में हाल ही में 40% तक की बढ़ोतरी ने आक्रोश को और बढ़ाया है। यह विरोध शुरुआत में मशहद शहर से शुरू हुआ और अब देश के कई हिस्सों में फैल चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

ईरान की स्थिति पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण बातचीत का आह्वान किया है। यूरोपीय देश भी स्थिति पर नजदीक से निगाह रखे हुए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की यह आंतरिक उथल-पुथल न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है।

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Author: ainewsworld

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