अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच फ्लोरिडा में हुई महत्वपूर्ण बैठक में शांति योजना पर 90% सहमति बन गई है, लेकिन डोनबास क्षेत्र को लेकर मतभेद अब भी बरकरार हैं।
फ्लोरिडा के मार-अ-लागो रिज़ॉर्ट में दोनों राष्ट्रपतियों की करीब ढाई घंटे तक चली बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशावादी लहजा अपनाया गया। ट्रंप ने बैठक को “अत्यंत सफल” और “शानदार” बताया, जबकि जेलेंस्की ने कहा कि उनकी अमेरिकी टीम के साथ 20-बिंदु वाली शांति योजना पर 90% सहमति बन चुकी है।
बैठक से ठीक पहले रविवार सुबह ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक घंटे से अधिक समय तक फोन पर बातचीत भी की। ट्रंप ने इस कॉल को “अच्छी और बहुत उत्पादक” बताया और कहा कि पुतिन भी युद्ध समाप्त करना चाहते हैं।
शांति योजना की प्रमुख बातें
बैठक में चर्चा की गई 20-बिंदु वाली शांति योजना के मुख्य प्रस्तावों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
· सुरक्षा गारंटी: यूक्रेन को नाटो के अनुच्छेद 5 जैसी सुरक्षा गारंटी देने पर सहमति, ताकि भविष्य में रूसी आक्रमण को रोका जा सके। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका के साथ सुरक्षा गारंटी “100% तय” हो चुकी है।
· यूक्रेन की सेना: यूक्रेन अपनी 8 लाख सैनिकों वाली सेना को मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगा।
· क्षेत्रीय मुद्दा: डोनबास में वर्तमान युद्ध रेखा के आसपास युद्धविराम, और दोनों पक्षों की सेनाओं की वापसी के बाद एक अंतरराष्ट्रीय बलों द्वारा निगरानी वाला अविसैन्यीकृत क्षेत्र स्थापित करना।
· यूरोपीय संघ की सदस्यता: यूक्रेन की यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए एक स्पष्ट तिथि तय करना।
· पुनर्निर्माण सहायता: यूक्रेन के पुनर्निर्माण और अर्थव्यवस्था के लिए 800 अरब डॉलर की सहायता।
समझौते की राह में अड़चनें
हालांकि प्रगति हुई है, लेकिन कुछ कांटेदार मुद्दे अभी भी बने हुए हैं, जिन पर सहमति बाकी है।
· डोनबास क्षेत्र का भविष्य: यह सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। रूस, डोनबास के उन इलाकों पर भी दावा कर रहा है जो उसने अभी तक जीते नहीं हैं। ट्रंप ने स्वीकार किया कि यह “बहुत कठिन सवाल” है।
· रूस की भूमिका: एक बड़ा सवाल यह है कि क्या रूस इस योजना को मानेगा। क्रेमलिन के एक सलाहकार ने कहा है कि यूक्रेन और यूरोप द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम केवल लड़ाई को बढ़ावा देगा।
· सुरक्षा गारंटी का स्वरूप: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने “दिन-एक से लोहे जैसी मजबूत सुरक्षा गारंटी” की आवश्यकता पर जोर दिया है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यूरोपीय देशों को सुरक्षा में “एक बड़ा हिस्सा” निभाना होगा।
बैठक के तुरंत बाद की गई एक महत्वपूर्ण कॉल
ट्रंप और जेलेंस्कीने बैठक के बाद फ्रांस, फिनलैंड, पोलैंड, नॉर्वे, इटली, ब्रिटेन, जर्मनी के नेताओं और नाटो तथा यूरोपीय आयोग के प्रमुखों के साथ लगभग एक घंटे तक फोन पर बातचीत की। यूरोपीय नेताओं ने प्रगति का स्वागत किया और आगे काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
आगे की राह
ट्रंप ने कहा है कि वह जनवरी में वाशिंगटन में यूक्रेन और यूरोप के नेताओं की मेजबानी करेंगे, ताकि चर्चा को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने युद्ध समाप्ति की समयसीमा “कुछ हफ़्ते” बताई है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि “यह खराब भी हो सकता है”।
इस बैठक के समांतर, रूस ने यूक्रेन पर हमले जारी रखे हैं। बैठक से एक दिन पहले शनिवार को रूस ने कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई। जेलेंस्की ने साझेदार देशों से रूस पर दबाव बनाए रखने और यूक्रेन को निरंतर समर्थन देने का आग्रह किया है।
निष्कर्ष: फ्लोरिडा बैठक यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम है। 90% सहमति एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन डोनबास जैसे क्षेत्रीय मुद्दे और रूस की स्वीकृति जैसी चुनौतियाँ अभी बाकी हैं। आने वाले हफ्तों में वाशिंगटन में होने वाली बैठक और रूस की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्या यह शांति योजना वास्तविकता बन पाती है।
Author: ainewsworld