प्रशासनिक सुधार विभाग कीपहल: 80+ डिजिटल परियोजनाएं, ई-गवर्नेंस वेबिनार और राजभाषा पुरस्कार
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने पिछले वर्ष डिजिटल शासन, नागरिक-केंद्रित सेवाओं और सरकारी कार्यसंस्कृति में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें संचालित कीं। इनमें राष्ट्रीय स्तर के वेबिनार, राज्यों के साथ सहयोगात्मक परियोजनाएं और विशेष दिवसों पर जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
ई-गवर्नेंस में सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान
विभाग ने देश भर में छह राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस वेबिनार की मेजबानी की। इन वेबिनारों का उद्देश्य राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार विजेताओं द्वारा विकसित अग्रणी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं के बारे में जानकारी साझा करना था, ताकि अन्य राज्य और केंद्रीय एजेंसियां इनसे सीख सकें और सहयोग कर सकें। केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों ने इन सत्रों में सक्रिय भागीदारी की।
राज्य सहयोगात्मक पहल (एससीआई) के तहत 80 से अधिक नवाचारी प्रस्ताव
नागरिक सेवाओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए, डीएआरपीजी ने राज्य सहयोगात्मक पहल (एससीआई) के तहत दो राष्ट्रीय जनसंपर्क सत्र आयोजित किए। इसके परिणामस्वरूप 80 से अधिक परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सेवा वितरण प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवा पोर्टल और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसे नवाचार शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर नजर रखने के लिए एक समर्पित एससीआई पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।
सिविल सेवाओं में महिला सशक्तिकरण पर जोर
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के अवसर पर, विभाग ने “सिविल सेवा में महिलाएं” विषय पर एक वर्चुअल गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया। ‘नारी शक्ति से विकसित भारत’ की थीम पर केंद्रित इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों की वरिष्ठ महिला अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए।
योग, स्वच्छता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता
विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अपने कर्मचारियों के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर योग के लाभों के प्रति जागरूकता फैलाई। इसके अलावा, ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत ‘स्वच्छोत्सव’ मनाया गया, जहां सभी कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली। संविधान दिवस पर आयोजित वेबिनार में 800 से अधिक स्थानों के प्रतिभागियों ने भाग लिया और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने विशेष व्याख्यान दिया।
राजभाषा हिंदी के प्रयोग को मिली मान्यता
इन पहलों के साथ-साथ, विभाग को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार (प्रथम पुरस्कार) से भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार गृह मंत्रालय द्वारा हिंदी के प्रभावी प्रयोग और प्रोत्साहन के लिए प्रदान किया गया। डीएआरपीजी के सचिव वी. श्रीनिवास ने 14 सितंबर, 2025 को हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
इन सभी प्रयासों का उद्देश्य भारत की सार्वजनिक सेवा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-अनुकूल बनाना है.
Author: ainewsworld