आंध्र प्रदेश में बनेगा भारत का पहला ड्रोन सिटी और स्पेस सिटी, केंद्र और राज्य सरकार ने रखी आधारशिला

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने आज वर्चुअल माध्यम से राज्य में एक डेडिकेटेड ‘ड्रोन सिटी’ और ‘स्पेस सिटी’ की आधारशिला रखी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के ‘स्वर्ण आंध्र 2047’ और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।

सीआईआई शिखर सम्मेलन में हुआ ऐलान

यह ऐतिहासिक घोषणा विशाखापत्तनम में आयोजित 30वें सीआईआई साझेदारी शिखर सम्मेलन के दौरान की गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गोयल ने मुख्यमंत्री नायडू के पूर्व में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ड्रोन सिटी का निर्माण उन्हीं के दूरदर्शी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।

देश की पहली डेडिकेटेड ‘ड्रोन सिटी’

· स्थान: यह ड्रोन सिटी कुरनूल के निकट ओर्वाकल औद्योगिक नोड में लगभग 300 एकड़ के क्षेत्र में बनेगी।
· उद्देश्य: इसका लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन के उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। श्री गोयल ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे मिशनों में ड्रोन की प्रभावी भूमिका का भी उल्लेख किया।
· श्रीहरिकोटा के निकट ‘स्पेस सिटी’: इसके अलावा, श्रीहरिकोटा – जो भारतीय रॉकेट प्रक्षेपण का केंद्र है – के समीप एक ‘स्पेस सिटी’ के निर्माण की पहल की भी केंद्रीय मंत्री ने सराहना की।

निवेशकों के लिए आकर्षक सुविधाएं

आंध्र प्रदेश सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दे रही है। श्री गोयल ने बताया कि राज्य सरकार जीएसटी की 100% वापसी और 20% पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति की पेशकश कर रही है। इसके लिए एक एस्क्रो खाता भी बनाया गया है, ताकि यह प्रणाली राजनीतिक और नौकरशाही हस्तक्षेप से मुक्त रहे। उन्होंने इसे निवेशकों के लिए एक बड़ा विश्वास-बढ़ाने वाला कदम बताया।

‘स्वर्ण आंध्र 2047’ और ‘विकसित भारत’ का संगम

यह परियोजना दोनों स्तरों पर बड़े विजन का हिस्सा है। मुख्यमंत्री नायडू ने हाल ही में ‘स्वर्ण आंध्र 2047’ के विजन दस्तावेज का अनावलोकन किया है, जिसका लक्ष्य राज्य को एक “संपन्न, स्वस्थ और खुशहाल” आंध्र प्रदेश बनाना है。 इसके तहत शून्य गरीबी, रोजगार, जल सुरक्षा और गहन प्रौद्योगिकी (डीप टेक) जैसे 10 मार्गदर्शक सिद्धांत शामिल हैं。 राज्य का लक्ष्य 2047 तक 2.4 ट्रिलियन डॉलर की जीएसडीपी और 43,000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय हासिल करना है.

स्वर्ण आंध्र 2047 के प्रमुख सिद्धांत

सिद्धांत लक्ष्य
शून्य गरीबी गरीबी उन्मूलन
रोजगार व्यापक रोजगार सृजन
जल सुरक्षा जल संसाधनों का सतत प्रबंधन
किसान एवं कृषि प्रौद्योगिकी कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण
गहन प्रौद्योगिकी जीवन के हर क्षेत्र में तकनीक का एकीकरण

यह विजन प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है。 प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सेमीकंडक्टर उत्पादन और नवाचार पर जोर दिया था, जिसकी झलक इस ड्रोन और स्पेस सिटी परियोजना में साफ देखी जा सकती है।

भविष्य की ओर एक सशक्त कदम

श्री गोयल ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि “प्रत्येक किसान के खेत में ड्रोन और प्रत्येक भारतीय के पास स्मार्ट फोन होने का प्रधानमंत्री का सपना” स्वर्ण आंध्र 2047 और विकसित भारत 2047 के तहत पूरा किया जाएगा। यह परियोजना न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश के तकनीकी और आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।

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Author: ainewsworld

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