क्यूएनयू लैब्स: भारत का क्वांटम सुरक्षा क्रांति में अग्रणी योगदान
आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क में इनक्यूबेट की गई क्वांटम स्टार्टअप क्यूएनयू लैब्स दुनिया का पहला एंड-टू-एंड क्वांटम-सेफ हेटेरोजीनियस नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। यह स्टार्टअप भारत को क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
क्यूएनयू लैब्स की उपलब्धियाँ
- 2018: कंपनी ने क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) सिस्टम लॉन्च किया, जिससे भारत वैश्विक क्वांटम टेक्नोलॉजी मैप पर उभरा।
- 2022: IDEX Open Challenge 2.0 जीता, 150 किमी का QKD नेटवर्क बनाया और भारतीय सेना के साथ सफल परीक्षण किया।
- NSCS अनुदान के तहत हब-एंड-स्पोक QKD नेटवर्क विकसित किया और भारतीय सशस्त्र बलों से बड़ा ऑर्डर प्राप्त किया।
- 2023: क्वांटम-सेफ VPN और QRNG (क्वांटम रैंडम नंबर जेनरेटर) लॉन्च किया, जिससे वायरलेस नेटवर्क सुरक्षा मजबूत हुई।
- 2024: भारतीय नौसेना को 25 QKD सिस्टम की डिलीवरी की, जो देश में क्वांटम-सेफ संचार का बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ।
क्यूएनयू लैब्स के प्रमुख उत्पाद
- ट्रोपोस (QRNG): क्वांटम रैंडम नंबर जेनरेटर, जिसे DRDO और भारतीय सेना द्वारा उपयोग किया जा रहा है।
- आर्मोस (QKD): मिडिल ईस्ट, BEL और भारतीय नौसेना को आपूर्ति की गई। हाल ही में सेना से बड़ा ऑर्डर मिला।
- क्यूशील्ड (SaaS): क्वांटम-सेफ प्लेटफॉर्म, जिसे कई ग्राहकों द्वारा अपनाया गया है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) में योगदान
क्यूएनयू लैब्स को राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत चुना गया है। इसका लक्ष्य एक ऐसा स्वदेशी क्वांटम नेटवर्क बनाना है, जो फ्री-स्पेस QKD, SPD, एन्क्रिप्टर और सॉफ्टवेयर-नियंत्रित QKD कंट्रोलर को एकीकृत करेगा। यह भारत को क्वांटम टेक्नोलॉजी में विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगा।
क्यूएनयू लैब्स की यह यात्रा न केवल भारत की साइबर सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि देश को क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है।

Author: ainewsworld



