महिलाओं और दिव्यांगों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, कौशल प्रशिक्षण के साथ मिल रही आवास व परिवहन सुविधा

देश में समावेशी विकास को बढ़ावा देने और हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की कौशल विकास योजनाओं के अंतर्गत महिलाओं, दिव्यांगजनों और विशेष क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षुओं को विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इन पहलों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य व्यक्ति केवल संसाधनों की कमी के कारण प्रशिक्षण से वंचित न रहे।

प्रशिक्षण के दौरान आवास और परिवहन की सुविधा

योजना के तहत महिलाओं, दिव्यांगजनों और विशेष श्रेणी के क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षुओं को आवास एवं परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग ले सकें। इसके अलावा, सामान्य मानदंडों के अनुसार गैर-आवासीय प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी परिवहन सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

सरकार का मानना है कि इस तरह की सहायक सुविधाएं प्रशिक्षण की पहुंच को बढ़ाती हैं और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभकारी रोजगार या स्वरोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करती हैं। राज्यवार महिला प्रतिभागियों की संख्या का विस्तृत विवरण अनुलग्नक I-छ में उपलब्ध कराया गया है।

आईटीआई के माध्यम से युवाओं को मिल रहा व्यावसायिक प्रशिक्षण

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) देशभर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के नेटवर्क के जरिए शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) का संचालन कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं, को व्यावसायिक कौशल से लैस करना है।

169 ट्रेडों में एनएसक्यूएफ प्रमाणित प्रशिक्षण

देशभर के आईटीआई में एनएसक्यूएफ से प्रमाणित 169 ट्रेडों में शिल्पकार प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रत्येक ट्रेड के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम निर्धारित हैं, जिनकी अवधि 6 महीने, 1 वर्ष और 2 वर्ष तक होती है।
इन पाठ्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्रशिक्षु प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अर्ध-कुशल या कुशल कामगार के रूप में उद्योगों में रोजगार प्राप्त कर सकें या स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।

आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

विशेष सुविधाओं के साथ दिया जा रहा यह कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भर बनने का मजबूत आधार तैयार कर रहा है। सरकार की यह पहल न केवल रोजगार के अवसर बढ़ा रही है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समावेशिता को भी नई दिशा दे रही है।

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Author: ainewsworld

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