आदि कर्मयोगी अभियान: 20 लाख कार्यकर्ता ग्रामीण भारत को नया स्वरूप दे रहे हैं

 

भारत सरकार का ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ 20 लाख प्रेरित कार्यकर्ताओं के माध्यम से देश के 61,841 गांवों में सामुदायिक नियोजन की क्रांति ला रहा है, जहां ग्रामीण स्वयं अपने विकास की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

सामाजिक आर्थिक विकास के लिए समुदायों को सशक्त बनाने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। यह कार्यक्रम 20 लाख प्रेरित कार्यबल या ‘आदि कर्मयोगियों’ के एक विशाल नेटवर्क पर निर्भर करता है, जिसमें सरकारी अधिकारी, जनजातीय जमीनी स्तर के कार्यकर्ता और ग्राम स्तर के नेता शामिल हैं। इसका उद्देश्य उत्तरदायी शासन और सामुदायिक क्षमता का निर्माण करना है।

इस कार्यक्रम के पहले चरण में 26 राज्यों, 326 जिलों, 2244 ब्लॉकों और 61,841 गांवों को शामिल किया गया है, जिसका शुभारंभ 10 जुलाई 2025 को किया गया था। मुख्य ध्यान ग्राम कार्य योजनाओं के विकास पर है, जो स्थानीय समुदायों की सामूहिक आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करती हैं और उनके द्वारा ही तैयार की जाती हैं।

गांव बन रहे हैं योजना निर्माता: महाराष्ट्र का उदाहरण

इस अभियान की सफलता को समझने के लिए महाराष्ट्र राज्य एक प्रमुख उदाहरण है। राज्य के 6859 गांवों में से 6567 गांवों ने पहले ही अपनी ग्राम कार्य योजना तैयार करके अपलोड कर दी है। इसका मतलब है कि 96% से अधिक गांवों ने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई है।

नंदुरबार जिले में, जो पहले चरण में शामिल है, 6 प्रखंडों के सभी 717 गांवों को प्रशिक्षित किया गया है और उन्होंने अपनी योजनाएं तैयार की हैं। इनमें से 662 गांवों ने अपनी योजनाएं आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड भी कर दी हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर यह पहल गति पकड़ रही है।

सहायता और संसाधन: योजना निर्माण को मिल रहा बढ़ावा

ग्रामीण समुदायों को इन योजनाओं को विकसित करने में सक्षम बनाने के लिए बहुआयामी सहायता प्रदान की जा रही है:

· तकनीकी सहायता: राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर मास्टर प्रशिक्षकों के कैडर तैयार किए गए हैं, जो गांवों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
· वित्तीय सहायता: ग्राम कार्य योजना तैयार करने और सहभागी कार्यशालाओं के आयोजन के लिए प्रति गांव 2,300 रुपये का आवंटन किया गया है।
· डिजिटल प्लेटफॉर्म: मंत्रालय के पास ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ पोर्टल और डैशबोर्ड है, जो योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए एक समर्पित ऑनलाइन मंच प्रदान करता है।

राष्ट्रीय संदर्भ: जन योजना अभियान से जुड़ाव

आदि कर्मयोगी अभियान, पंचायती राज मंत्रालय के जन योजना अभियान (PPC) का एक विशेष हिस्सा है, जिसका उद्देश्य “सबकी योजना, सबका विकास” है। यह अभियान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत विकास योजनाएं (PDP) तैयार करने की एक राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया है।

इस राष्ट्रीय अभियान के तहत 2 अक्टूबर 2025 को देश भर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। डेटा बताता है कि 2019-20 से अब तक 18.13 लाख से अधिक पंचायत विकास योजनाएं अपलोड की जा चुकी हैं।

प्रगति मापन: पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) की भूमिका

ग्रामीण विकास में प्रगति को मापने के लिए, पंचायती राज मंत्रालय ने पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) विकसित किया है। यह सूचकांक सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के नौ स्थानीयकृत विषयों पर पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है।

2022-23 के आधारभूत आकलन के अनुसार:

· 35.8% ग्राम पंचायतों को बेहतर प्रदर्शन करने वाला माना गया
· 61.2% ग्राम पंचायतों को आकांक्षी श्रेणी में रखा गया
· 0.3% पंचायतें अग्रणी के रूप में उभरीं

यह सूचकांक अब ग्राम सभाओं को उनकी विकास योजनाओं को और अधिक साक्ष्य-आधारित और लक्ष्योन्मुख बनाने में मार्गदर्शन कर रहा है।

अभिसरण और सशक्तिकरण: संवैधानिक आधार

यह पूरी पहल 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा प्रदत्त शक्तियों पर आधारित है, जिसने पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं बनाने और लागू करने का अधिकार दिया। इसका उद्देश्य समावेशी और अभिसारी विकास योजनाएं तैयार करना है, जो विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर सकें।

ग्राम विकास योजनाओं में स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा तैयार ग्राम समृद्धि एवं लचीलापन योजनाओं (VPRP) को भी शामिल किया जा रहा है, जो एक समुदाय-संचालित और लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है।

भविष्य की राह: समुदाय-नेतृत्व वाला विकास

इस पहल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह ग्रामीण समुदायों को उनके स्वयं के विकास का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बना रही है। हालांकि पहले मापने योग्य परिणाम 3-5 वर्षों में ही स्पष्ट होंगे, लेकिन प्रारंभिक प्रतिक्रिया और भागीदारी संतोषजनक है।

डीजीजीयूए और पीएम जनमन जैसी योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से इन ग्राम योजनाओं से प्राप्त होने वाले विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।

इस अभियान का अंतिम लक्ष्य स्थायी, समावेशी और सामुदायिक नेतृत्व वाला विकास मॉडल स्थापित करना है, जहां हर गांव अपनी आकांक्षाओं के अनुरूप प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके।

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Author: ainewsworld

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