सरकार और विपक्ष की बैठक में तय हुआ रणनीति, शीतकालीन सत्र में इन 14 विधेयकों पर होगी जंग!”

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू, 19 दिसंबर तक चलेगा; सभी दलों ने सहयोग का दिया आश्वासन, मंत्रीमंडल और विपक्षी नेताओं के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक।

भारतीय संसद के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले सरकार और विपक्षी दलों के बीच आज एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेताओं ने हिस्सा लिया। सत्र के एजेंडे और संभावित विधेयकों पर चर्चा हुई और सभी दलों ने सहयोग का आश्वासन दिया।

सत्र की तारीखें तय
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होगा और 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान 19 दिनों में कुल 15 बैठकें आयोजित होंगी। सरकार ने 14 विषयों को चिन्हित किया है, जिन पर विधेयक पेश किए जा सकते हैं।

चर्चा के प्रमुख विधेयक
बैठक में सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले संभावित विधेयकों की सूची साझा की गई। इनमें प्रमुख हैं:

· जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025
· परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025
· भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025
· प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025
· दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025

सभी दलों ने दिखाई सहमति
बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे और सरकार को सहयोग का भरोसा दिलाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी नेताओं के सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि सरकार सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा के लिए तैयार है।

विपक्ष की भूमिका
हालांकि सभी दलों ने सहयोग का आश्वासन दिया है, लेकिन शीतकालीन सत्र में कुछ विधेयकों पर गहन बहस की उम्मीद है। विपक्ष ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगने का संकेत दिया है।

आगे की राह
संसद का यह सत्र देश के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें कई बड़े कानूनी और आर्थिक सुधारों पर विचार होना है। सरकार और विपक्ष के बीच सहयोग से ही सत्र को सफल बनाया जा सकेगा।

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Author: ainewsworld

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