
लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिरला ने शुक्रवार को कोटा में आयोजित 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के भव्य समापन समारोह में शिरकत की। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने कहा कि यह मेला अपनी समृद्ध परंपरा और विशिष्ट पहचान के साथ हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इस वर्ष के मेले ने एक नई पहचान बनाई है, जहाँ ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। श्री बिरला ने कहा कि मेले में देश के कोने-कोने से आए कारीगरों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों ने अपने हाथों से निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन कर ‘स्वदेशी’ के दर्शन कराए।

सांस्कृतिक उत्सव से बढ़कर आर्थिक मंच
लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कोटा दशहरा मेला अब केवल एक सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “यह मेला हमारी लोक संस्कृति और आर्थिक आत्मनिर्भरता के बीच एक सशक्त कड़ी साबित हो रहा है।”
भविष्य की योजना: देश का सबसे बड़ा स्वदेशी मंच
श्री बिरला ने भविष्य की दिशा भी बताते हुए कहा कि आने वाले समय में कोटा दशहरा मेले को देश के आत्मनिर्भर उत्पादों का सबसे बड़ा मंच बनाने का प्रयास है। इससे देशभर के छोटे कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को एक राष्ट्रीय पहचान मिल सकेगी और उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान मेले में उपस्थित हजारों दर्शकों और स्टॉल लगाने वाले कारीगरों ने श्री बिरला के इस विजन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। ऐसा माना जा रहा है कि इस तरह के बयान से कोटा दशहरा मेले के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी एक नई ऊर्जा मिलेगी।
Author: ainewsworld