भारत का स्पेस विजन: चाँद 2040, शुक्र 2028 इस साल लॉन्च होगा ‘वायुमित्र’, 2027 में इंसान भेजेगा ISRO: जानिए भारत की अंतरिक्ष योजना

भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में अपने महत्वाकांक्षी रोडमैप का खुलासा किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि देश 2028 तक शुक्र ग्रह पर अपना मिशन ‘चंद्रयान-4’ भेजेगा और 2040 तक चंद्रमा की सतह पर अपने पहले अंतरिक्ष यात्री को उतारेगा।

यह घोषणा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर की गई। मंत्री ने इसरो के आगामी कार्यक्रमों की एक विस्तृत रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि इस साल मानव-रोबोट संयुक्त मिशन ‘वायुमित्र’ का प्रक्षेपण होगा। इसके बाद 2027 में ‘गगनयान’ मिशन के तहत भारत अपनी पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान भरेगा।

डॉ. सिंह ने कहा कि 2035 तक भारत अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रख रहा है। उन्होंने इन सभी पहलुओं को भारत के 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के सपने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्री— ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला भी मौजूद रहे, जो इस मिशन की तैयारी के लिए intensively प्रशिक्षण ले रहे हैं।

अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि ये मिशन भविष्य के मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत को एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक नींव का काम करेंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा न केवल देश के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए फायदेमंद साबित होगी।

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Author: ainewsworld

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